घर के अंदर फंदे से लटके मिले शव
वडोदरा के नरसिंहजी नी पोल इलाके में स्थित एक दो मंजिला इमारत के मुख्य हॉल के अंदर छत के पंखे से लटके हुए शव बरामद किए गए। मृतक महिला की पहचान आरती के रूप में हुई है, जो अपने बेटे और बेटी के साथ इसी मकान में रहती थी। घटनास्थल से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मामले की गुत्थी और अधिक उलझ गई है। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि इन तीनों को इस तरह का घातक कदम उठाने के लिए आखिर किस परिस्थिति ने मजबूर किया, इसका अभी तक कोई आधिकारिक सुराग हाथ नहीं लग पाया है। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरती और उनके बच्चों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई इस अनहोनी से हैरान है। किसी को भी यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इस हंसते-खेल्ते परिवार के साथ ऐसा क्या हुआ जो यह खौफनाक अंत देखना पड़ा। जाँच अधिकारी हर एक पहलू को बारीकी से खंगालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि सच्चाई जल्द से जल्द सामने आ सके।
अतिरिक्त चाबी से खुला मामला और पुलिस जाँच
घटना का खुलासा तब हुआ जब केतन नामक व्यक्ति ने मौके पर पहुँचकर हालात का जायजा लिया। केतन ने कई बार मकान का दरवाजा खटखटाया और अंदर मौजूद लोगों को आवाज भी लगाई, लेकिन अंदर से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने एक अतिरिक्त चाबी का सहारा लिया और ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया। घर के भीतर प्रवेश करते ही वहाँ से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिसे महसूस करते ही पुलिस को यह अंदेशा हुआ कि मौत की यह घटना कुछ दिन पहले ही घटित हो चुकी होगी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौतों के वास्तविक समय और इसके पीछे की परिस्थितियों का सटीक खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। इस संबंध में जाँचकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे परिवार के करीबी रिश्तेदारों और जानकारों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि कोई ठोस सुराग मिल सके। पुलिस विभाग इस मामले में किसी भी संभावित एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रहा है और सभी तकनीकी व चिकित्सीय रिपोर्टों का इंतजार कर रहा है।
पारिवारिक व्यवसाय और आर्थिक स्थिति का सच
यह पूरा परिवार चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ था और आयुर्वेद अस्पताल के साथ-साथ एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी संचालित करता था। पिछले साल चेतन के निधन के बाद से आरती और उनके बच्चे मिलकर ओल्ड पादरा रोड पर स्थित परिवार के आयुर्वेद अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चेतन के परिचित केतन ने इस अस्पताल के कारोबार में अपना पैसा निवेश किया था और वह इस व्यवसाय में एक साझीदार के रूप में भी जुड़े हुए थे। इसके अलावा, इस परिवार के पास आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण का वैध लाइसेंस भी मौजूद था और वे हलोल हाईवे के नजदीक जरोद इलाके में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाया करते थे। अभी तक की गई शुरुआती जाँच में ऐसा कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि यह परिवार किसी गंभीर आर्थिक संकट या अन्य किसी प्रकार की परेशानी से जूझ रहा था। परिवार की सामाजिक और व्यावसायिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है, जिसके कारण यह घटना और भी अधिक पेचीदा बनती जा रही है। पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियाँ आपसी संबंधों, व्यावसायिक लेन-देन और अन्य सभी संभावित कारणों की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं ताकि मौत के असली रहस्यों से पर्दा उठाया जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि यह हत्या थी या आत्महत्या।