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अूठा बदलाव: नक्सली महिलाओं ने बंदूक छोड़कर रैंप पर हैंडलूम कपड़ों में दिखाया आत्मविश्वास

छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा बलों और समाज के प्रयासों से मुख्यधारा में लौट रही महिलाओं ने एक अनूठा कदम उठाया है। कभी हिंसा का रास्ता चुनने वाली ये महिलाएं अब हथियारों को अलविदा कहकर फैशन शो के रैंप पर नजर आईं।

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Kantap News डेस्क
15 अग 2026, 17:41
अूठा बदलाव: नक्सली महिलाओं ने बंदूक छोड़कर रैंप पर हैंडलूम कपड़ों में दिखाया आत्मविश्वास
हाल ही में सामने आए एक प्रेरणादायक घटनाक्रम में, नक्सली हिंसा और आतंक की दुनिया को छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने वाली महिलाओं ने एक फैशन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इन महिलाओं ने अपने हाथों में बंदूकें थामने के बजाय पारंपरिक और आधुनिक हैंडलूम वस्त्रों को पहना और रैंप पर पूरे आत्मविश्वास के साथ वॉक किया। उनके इस कदम ने समाज में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दिया है कि सही दिशा और अवसरों मिलने पर किसी भी व्यक्ति का जीवन बदल सकता है।

मुख्यधारा में वापसी की अनूठी मिसाल

रैंप पर वॉक करते समय इन महिलाओं के चेहरे पर जो चमक और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था, वह उनकी नई जिंदगी की शुरुआत का गवाह था। पारंपरिक हथकरघा कपड़ों (हैंडलूम) में सजी इन महिलाओं ने अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ते हुए एक नए और उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाया है। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों और आयोजकों ने भी उनके इस हौसले और बदलाव की खुलकर सराहना की। प्रशासन और सामाजिक संगठनों का मानना है कि इस तरह की पहल से अन्य भटके हुए लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी। हथियार छोड़कर कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना इन महिलाओं के लिए केवल एक फैशन वॉक नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और नए जीवन की एक खूबसूरत शुरुआत है।
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