शहीद स्मारक पर आयोजित मुख्य समारोह
पुलिस स्मृति दिवस के पावन अवसर पर शहीद स्मारक पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी ने की। उन्होंने शहीद वेदी पर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए उन बहादुर सुरक्षाकर्मियों को सादर नमन किया जिन्होंने समाज तथा देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान उन सभी पुलिसकर्मियों की वीरतापूर्ण गाथाओं को विशेष रूप से याद किया गया जिन्होंने अपनी सेवा के दौरान कर्तव्य निर्वहन में शहादत प्राप्त की थी। आयोजन में शामिल पुलिस बल के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने कतारबद्ध होकर वीर जवानों की प्रतिमाओं व स्मारकों पर श्रद्धा के फूल चढ़ाए। इस अवसर पर माहौल अत्यंत गंभीर रहा तथा प्रत्येक अधिकारी व जवान ने शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन पुलिस विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी गरिमा के साथ किया गया था, जिसमें सभी उपस्थित पुलिसकर्मियों ने एक स्वर में शहीदों की गौरवमयी स्मृतियों को अपने मानस पटल पर अंकित किया।
अधिकारियों की उपस्थिति और वीरगाथाओं का वाचन
श्रद्धांजलि सभा में पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विवेक तिवारी तथा अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। साथ ही, नगर के सहायक पुलिस अधीक्षक आफताब आलम ने भी शहीद जवानों को अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर संगम कुमार तथा प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार समेत पुलिस विभाग के अन्य कई महत्वपूर्ण अधिकारी व कर्मी भी शामिल हुए। समारोह का मुख्य आकर्षण वह सत्र रहा जिसमें पिछले एक वर्ष की अवधि के दौरान देशभर के विभिन्न राज्यों और अर्द्धसैनिक बलों में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जांबाज पुलिसकर्मियों के नामों की सूची पढ़कर सुनाई गई। इन जवानों की अदम्य साहस भरी कहानियों को सुनकर वहां उपस्थित पुलिस बल के जवानों का सीना गर्व से भर आया। अधिकारियों ने कहा कि शहीदों की निष्ठा और उनका बलिदान पुलिस प्रशासन के लिए हर पल एक प्रेरणा का कार्य करता है, जो उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी अपना काम करने की शक्ति प्रदान करता है।
बलिदान का महत्व और जनसेवा का संकल्प
पुलिस स्मृति दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि पुलिस बल के लिए अपनी जिम्मेदारियों को दोबारा समझने का एक माध्यम है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि शहीद जवानों का समर्पण और कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक बनी रहेगी। यह दिन हर पुलिसकर्मी को स्मरण कराता है कि जनसेवा और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए वे किस प्रकार के दायित्वों से बंधे हुए हैं। समाज की शांति बनाए रखने में पुलिस बल का योगदान सदैव सर्वोपरि रहा है, जिसे इन वीर जवानों ने अपने रक्त से सिद्ध किया है। शहीदों को श्रद्धांजलि देने का यह उद्देश्य है कि उनके द्वारा छोड़े गए आदर्शों को जीवित रखा जाए। इस अवसर पर पुलिस विभाग के सभी सदस्यों ने देश की अखंडता और जनता की सेवा के प्रति अपने संकल्प को और अधिक मजबूत करने का दोहराया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीदों के सम्मान में मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया तथा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।