जेवर हवाई अड्डे के आसपास औद्योगिक वृद्धि
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकटवर्ती इलाके में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जेवर क्षेत्र में बन रहे इस आधुनिक विमानन केंद्र के आसपास विभिन्न व्यावसायिक और निर्माण इकाइयों का तेजी से विकास हो रहा है। अनेक नई कंपनियां इस क्षेत्र में पूंजी लगाने तथा विभिन्न प्रकार की औद्योगिक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। हवाई अड्डे के निकट मजबूत हो रहे इस व्यापारिक और ढांचागत माहौल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की पूरी संभावना है। विमानन परियोजना के आसपास परिवहन और माल ढुलाई की सुविधाओं के बेहतर होने से निवेशकों का भरोसा इस क्षेत्र के प्रति लगातार मजबूत होता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि निवेशकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विभिन्न क्षेत्रों में कंपनियों की बढ़ती रुचि
उत्पादन और विनिर्माण के तमाम क्षेत्रों में विभिन्न व्यावसायिक समूहों की सक्रियता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ट्रैक्टर निर्माण और उसके सहायक कलपुर्जों के उत्पादन से जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों में भी कॉरपोरेट घरानों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इस प्रकार की भारी मशीनरी और कृषि उपकरणों के निर्माण से जुड़ी इकाइयों के आने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। प्रदेश भर में पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक उद्यमी यहां आ सकें। मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित की जाने वाली नियमित समीक्षा बैठकों में भी विभिन्न जिलों में क्रियान्वित हो रही विकासात्मक और औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की जाती है। इन उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान जमीनी स्तर पर आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल निर्देश दिए जाते हैं ताकि परियोजनाओं का काम तय समयसीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ सके।
पूरे प्रदेश में संतुलित विकास की नीति
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगीकरण का प्रत्यक्ष लाभ केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक ही सीमित न रहे। इस दूरदर्शी नीति के तहत प्रशासन की यह स्पष्ट कोशिश है कि निवेश की धारा को राज्य के दूरदराज और अन्य छोटे जिलों तक भी पहुंचाया जाए। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना होने से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी। राज्य के अन्य जिलों में भी नई परियोजनाओं के पहुंचने से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इस व्यापक रणनीति के परिणामस्वरूप महानगरों के साथ-साथ अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में भी औद्योगिक विकास की गति तेज होने लगी है। सरकार की यह संतुलित और समावेशी विकास योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।