पहाड़ों में बर्फीली हवाओं और बारिश का असर
हिमाचल प्रदेश में हुई व्यापक वर्षा और हिमपात के कारण समूचे क्षेत्र के तापमान में भारी कमी देखी जा रही है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य स्तर से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय अंचलों में हुई ताजा बर्फबारी से ठंड का प्रभाव काफी बढ़ गया है। राज्य के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जहाँ शनिवार सुबह पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो मात्र दो दिन पहले 17.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हल्की बारिश या बर्फ गिरने की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम की इस करवट ने पर्वतीय राज्यों के निवासियों को पहले ही कड़ाके की सर्दी का एहसास करा दिया है, जिससे जनजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं और प्रशासन ने सतर्कता बरती है।
मैदानी राज्यों में तापमान में गिरावट और बाढ़
राजस्थान के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश ने सुबह और शाम के वक्त सर्दी का अहसास तेज कर दिया है, जिससे अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। अलवर में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं माउंट आबू में पारे की स्थिति 27.7 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहाँ फैजुल्लागंज क्षेत्र के 3 लाख से अधिक निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गोमती नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम जरूर हो रहा है, लेकिन लोगों के घरों में पिछले 21 दिनों से पानी जमा है, जिससे जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। साथ ही यूपी के छह अन्य जिलों में भी हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने वहां के लिए अपनी चेतावनी जारी कर दी है। उधर, हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर होने के साथ ही आज 17 अक्टूबर से मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान लगाया गया है।
बिहार का मौसम और दुर्गा पूजा का उत्साह
बिहार के तमाम जिलों में आज मौसम के सामान्य और स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य में दुर्गा पूजा के त्योहार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। आज सप्तमी के पावन अवसर पर सभी पूजा पंडालों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिए गए हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकलकर पंडालों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और त्योहार की खुशियां साझा कर रहे हैं। हालांकि, सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास लोगों को होने लगा है और आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में कोहरा छाने की भी संभावना है। राज्य की पूरी आबोहवा अभी सुहानी बनी हुई है, जो उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और आवाजाही के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं, ताकि त्योहार शांति और उत्साह के साथ संपन्न हो सके। उत्तर भारत के बाकी राज्यों में चल रही ठंड और बाढ़ की आपदा से अलग बिहार में अभी स्थिति सामान्य और अनुकूल दिखाई दे रही है।