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भव्य रिकॉर्ड: उज्जैन में पीएम मोदी के जन्मदिन पर जलाए गए 33.2 लाख दीये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम हुआ है, जहां भव्य आयोजन के तहत लाखों की संख्या में दीप प्रज्वलित किए गए।
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Ankit Yadav
18 सित 2026, 14:05
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को पूरे देश में विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया गया, लेकिन मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर उज्जैन में जो दृश्य देखने को मिला उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। इस विशेष अवसर पर उज्जैन की पावन धरती पर एक नया और अभूतपूर्व विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया है, जिसने हर किसी को अचंभित कर दिया है। शहर के प्रमुख स्थलों और घाटों पर बड़े पैमाने पर दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। इस अद्भुत आयोजन की गूंज सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों तक भी पहुंच गई है, जहां लोग इस विशालता की प्रशंसा कर रहे हैं।
उज्जैन में जगमगाया अद्भुत नजारा
इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के दौरान उज्जैन नगरी का कोना-कोना रोशनी से सराबोर नजर आया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष उत्सव के तहत कुल 33.2 लाख दीये एक साथ प्रज्वलित किए गए, जिसने पिछले कई रिकॉर्डों को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान रच दिया है। दीपों की इस विशाल श्रृंखला को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए पर्यटक सड़कों और घाटों पर एकत्रित हुए थे। इस मनमोहक दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने के लिए लोगों में होड़ सी लगी रही। स्वर्ण जैसी चमक बिखेरते इन दीपों की कतारों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण बना दिया, जिससे हर आने जाने वाले के चेहरे पर एक अलग ही खुशी साफ झलक रही थी।
इस प्रकार के वृहद आयोजनों के पीछे महीनों की कड़ी मेहनत और प्रशासनिक तैयारियां जुड़ी होती हैं। स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मिलकर हर एक दीये में तेल और बाती डालने का काम अत्यंत अनुशासन के साथ पूरा किया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी चाक-चौबंद इंतजाम किए थे ताकि इतनी बड़ी संख्या में जुट रही भीड़ को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस आयोजन ने न केवल उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक प्रगाढ़ किया है, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत की प्राचीन परंपराओं और सामूहिक उत्सव मनाने की अनूठी शैली को भी एक बार फिर से बेहद गौरवशाली तरीके से उजागर किया है।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर हुए इस आयोजन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। देश भर के विभिन्न नेताओं ने इस रिकॉर्ड के बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और उज्जैन प्रशासन तथा जनता को इस सफलता के लिए बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के रिकॉर्ड न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और शिल्पकारों को भी एक नया मंच प्रदान करते हैं। आने वाले दिनों में इस रिकॉर्ड की आधिकारिक प्रविष्टि को लेकर भी चर्चाएं तेज होने की संभावना है, जिससे उज्जैन का नाम एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर और अधिक गौरव के साथ चमक उठा है।