एसीएम तृतीय की अदालत में चल रही है सरकारी भूमि के इस मामले की सुनवाई
आगरा जिले के अंतर्गत आने वाले मौजा चक अब्बल के खसरा नंबर 431 में स्थित विशाल क्षेत्रफल वाली संपत्ति को लेकर कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस खसरे के अंतर्गत कुल साढ़े 31 हजार वर्ग मीटर भूमि आती है जिसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर और न्यायालय में कार्यवाही का दौर जारी है। वर्तमान समय में इस पूरी सरकारी भूमि से जुड़े वाद की सुनवाई एसीएम तृतीय की विशेष अदालत में चल रही है। सोमवार के दिन नियमित निर्धारित कार्यसूची के तहत अदालत में इस महत्वपूर्ण वाद की सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान संबंधित पक्षों के लोग और अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे और मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। जिला प्रशासन के स्तर से भी इस मामले में पूरी मुस्तैदी दिखाई जा रही है ताकि सरकारी संपत्ति से जुड़े इस कानूनी प्रकरण का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जा सके और अदालती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
अंजुमन ए मोहमदिया ट्रस्ट ने कोर्ट में दाखिल किया अपना जवाब
चल रहे इस कानूनी वाद के सिलसिले में अंजुमन-ए-मोहमदिया ट्रस्ट की तरफ से अदालत में आधिकारिक रूप से अपना लिखित जवाब दाखिल कर दिया गया है। ट्रस्ट द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले की कार्यवाही में एक नया मोड़ आया है जिस पर सबकी नजर टिकी हुई है। दूसरी तरफ सरकारी अधिवक्ता ने भी न्यायालय के समक्ष यह स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले से जुड़े हुए सभी जरूरी दस्तावेज बहुत जल्द ही अदालत में दाखिल कर दिए जाएंगे। दस्तावेजों के दाखिल होने से मामले की सच्चाई सामने लाने में काफी मदद मिलेगी और अदालत को सही फैसला लेने में आसानी होगी। इस पूरी संपत्ति के एक बड़े हिस्से पर वर्तमान स्थिति यह है कि इसमें से 9080 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा बना हुआ है। इसी कब्जे वाली जमीन पर कुल 42 दुकानें और इसके अलावा अन्य प्रकार के कई स्थाई व अस्थाई प्रतिष्ठान भी निर्मित किए जा चुके हैं जिनका पूरा विवरण संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज है।
वक्फ सचिव और विजिलेंस जांच रिपोर्ट को बनाया जाएगा सुनवाई का मुख्य आधार
इस पूरे मामले की आगामी कानूनी कार्रवाई के दौरान विशेष रूप से वक्फ सचिव के दस्तावेजों और विजिलेंस विभाग की जांच रिपोर्ट को एक मजबूत आधार बनाया जाएगा। जांच रिपोर्ट और वक्फ सचिव से जुड़े दस्तावेजों के शामिल होने से इस वाद की सुनवाई में स्थिति काफी हद तक साफ होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। अदालत में सोमवार को हुई सुनवाई के बाद अब इस महत्वपूर्ण वाद की अगली तारीख आगामी 24 अक्टूबर तय की गई है। आगामी 24 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील अपने-अपने दस्तावेज और साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी पैनी नजर बनी हुई है क्योंकि मामला करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति से जुड़ा हुआ है। कोर्ट के आगामी आदेश के बाद ही यह तय हो पाएगा कि इस विशाल भूमि और उस पर बने प्रतिष्ठानों के संबंध में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।