दिल्ली। प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में शनिवार को जमानती वारंट जारी किया है। जिसके बाद ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ सकती है।
बता दें कि यह वारंट 2018 के एक मानहानि मामले से संबंधित हैं। साकेत कोर्ट ने
शनिवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में जमानती वारंट
जारी किया था।
यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने विकास सांक्रित्यायन की ओर से दायर मानहानि मामले में यह वारंट जारी किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी के भाजपा आईटी सेल पार्ट-2 वीडियो को लेकर यह मामला दर्ज कराया गया था।
साकेत कोर्ट ने शनिवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया था। यह मामला विकास संस्कृत्यायन की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में उनके खिलाफ कई झूठे और मानहानि करने वाले आरोप लगाए थे।
यह मामला ध्रुव राठी के वीडियो बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2 से जुड़ा है। मामले की सुनवाई कर रहे साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन ने जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी को नोटिस भेजा गया था, लेकिन उनके पते पर पहुंचने पर परिसर बंद मिला।
इससे पहले अदालत ने इस सप्ताह ध्रुव राठी को नए सिरे से समन जारी किया था। शिकायतकर्ता ने मामले की सुनवाई की तारीख पहले करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई पहले 20 नवंबर को होनी थी।
शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा था कि ध्रुव राठी आमतौर पर विदेश में रहते हैं, लेकिन सीजेपी के प्रदर्शन के सिलसिले में फिलहाल भारत में हैं। ऐसे में उन्हें जल्द समन भेजने की मांग की गई थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, ध्रुव राठी के विदेश में रहने के कारण पिछले कई साल से समन पहुंचाने
में देरी हो रही है। उन्होंने हरियाणा में ध्रुव राठी के आवास की जानकारी होने की
बात भी कही थी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी।