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100% इथेनॉल वाले E85 और E100 फ्यूल को मिली मंजूरी, सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में किया संशोधन

नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन कर E85 और E100 ईंधन पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए नियामकीय प्रावधान अधिसूचित किए हैं।

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Administrator
26 अक्ट 2026, 17:33
100% इथेनॉल वाले E85 और E100 फ्यूल को मिली मंजूरी, सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में किया संशोधन

नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन कर E85 और E100 ईंधन पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए नियामकीय प्रावधान अधिसूचित किए हैं। 

अधिसूचना के अनुसार, 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल वाले ईंधन का इस्तेमाल केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा जिन्हें ऐसे ईंधन के लिए डिजाइन और प्रमाणित किया गया हो। इसलिए सामान्य पेट्रोल या E20 के लिए बनी गाड़ियों में E85 या E100 इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

 

नियमों में वाहन वर्गीकरण, ईंधन विनिर्देशों और उत्सर्जन परीक्षणों से जुड़े तकनीकी संदर्भों में भी बदलाव किए गए हैं। संशोधन के तहत प्रभावित हल्के पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए वजन की सीमा 3,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम की गई है।

 

फ्लेक्स-फ्यूल वाहन अलग-अलग अनुपात वाले पेट्रोल-इथेनॉल मिश्रणों पर चलने के लिए बनाए जाते हैं। नए प्रावधानों से ऐसे वाहनों के लिए E85, जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल होता है और शुद्ध इथेनॉल वाले E100 के इस्तेमाल का रास्ता खुला है।

 

सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रही है। देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध है, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है।

 

मारुति सुजुकी ने जून 2026 में WagonR का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप पेश किया था। कंपनी के मुताबिक, यह E20 से E100 तक के ईंधन पर चलने के लिए विकसित किया गया है।

 

नियमों में B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी मिश्रित ईंधन से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। हालांकि, इन ईंधनों के इस्तेमाल के लिए भी वाहन का उपयुक्त डिजाइन और प्रमाणन जरूरी होगा।

 

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