कंटाप
NEWS
शनिवार, 31 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित      नेतन्याहू के बहुमत से पिछड़ने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है      95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जन...      बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा      आज का एक्सप्लेनर: गोहत्या पर 3 लोगों को उम्रकैद, कोर्ट बोला- सजा नहीं, तो गोमाता विलुप्त हो जाएंगी; क्या कह...      कल का मौसम, 31 अक्टूबर: शनिवार को 25 राज्यों में होगी बारिश, 50-60 की स्पीड से चलेगी हवा      अभिजीत दीपके से एक कदम आगे नेहा बोरा, समर्थन दोनों का लेकिन... विपक्ष की रामलीला मैदान रैली पर नया ट्विस्ट      'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से गूंजा गुजरात, PM बोले- 'आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा'     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

यूपी में 2100 से अधिक कैंटीन बनीं आत्मनिर्भरता की ‘प्रेरणा’, 10,000 परिवारों का बनीं सहारा

लखनऊ। सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले लोगों की रोजाना की आवाजाही अब ग्रामीण महिलाओं की कमाई का जरिया बन रही है। उत्तर प्रदेश में 2100 से अधिक प्रेरणा कैंटीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार और कारोबार का नया मंच बन चुकी हैं।

A
Administrator
30 अक्ट 2026, 14:35
यूपी में 2100 से अधिक कैंटीन बनीं आत्मनिर्भरता की ‘प्रेरणा’, 10,000 परिवारों का बनीं सहारा

📌 मुख्य बातें

  • सरकारी परिसरों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने का माध्यम बन रहीं प्रेरणा कैंटीन, समूहों के लिए तैयार हुआ स्थायी बाजार
  • सरकार का बेहतर सुविधाओं के साथ कारोबार बढ़ाने पर जोर देने के आदेश- उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वाले लोगों की रोजाना की आवाजाही अब ग्रामीण महिलाओं की कमाई का जरिया बन रही है। उत्तर प्रदेश में 2100 से अधिक प्रेरणा कैंटीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार और कारोबार का नया मंच बन चुकी हैं। 
इसके साथ ही आज ये चार हजार से अधिक परिवारों का सहारा बन गई हैं। तहसील, विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों जैसे सरकारी परिसरों में संचालित इन कैंटीनों ने समूहों के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार तैयार किया है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के सहयोग से संचालित इस पहल के जरिये महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में कारोबार का अवसर मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनाकर परिवार, समाज और प्रदेश एवं देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनाना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

रोज की फुटफॉल बन रही कमाई का आधार

प्रेरणा कैंटीनों के लिए सरकारी कार्यालयों की रोजाना की फुटफॉल कारोबार का आधार बन रही है। कर्मचारियों और आगंतुकों की आवाजाही से कैंटीनों को स्थानीय ग्राहक मिल रहे हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार के साथ कारोबार चलाने का अनुभव भी मिल रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए समूहों को दूर बाजार तलाशने के बजाय सरकारी परिसरों में ही कारोबार का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

गांव के समूहों के लिए खुला नया बाजार

प्रेरणा कैंटीनों का विस्तार विकासखंड स्तर तक होने से गांव के स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर कारोबार का अवसर मिल रहा है। सरकारी परिसरों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए यहां समूहों के उत्पादों और सेवाओं के लिए नया बाजार तैयार हुआ है। इस पहल से महिलाओं को केवल कैंटीन संचालन तक सीमित न रखकर उन्हें उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कलेक्ट्रेट से स्वास्थ्य केंद्रों तक नेटवर्क
प्रेरणा कैंटीनों का नेटवर्क सरकारी कार्यालयों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच चुका है। विकास भवन, कलेक्ट्रेट और ब्लॉक कार्यालयों के अलावा पीएचसी और सीएचसी परिसरों में भी कैंटीन संचालित की जा रही हैं। इससे सरकारी कार्यालयों में आने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले रोगियों व तीमारदारों को भी भोजन और नाश्ते की सुविधा मिल रही है। इस विस्तार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के दायरे को और बढ़ाया है। कैंटीनों को व्यवस्थित रूप देने और महिलाओं को बेहतर सुविधाओं के साथ कारोबार संचालित करने का अवसर देने पर जोर है। मॉडल कैंटीन के माध्यम से रोजगार को आगे कारोबार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

किफायती भोजन के साथ सेवा भी 

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि प्रेरणा कैंटीनों के माध्यम से कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ, पौष्टिक और घर जैसा किफायती भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह कैंटीनें एक ओर सरकारी परिसरों की जरूरत पूरी कर रही हैं तो दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बन रही हैं।

रोजगार, सेवा और बाजार तीनों को एक मंच

आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण के विजन के अनुरूप प्रेरणा कैंटीनों का यह विस्तार ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकारी परिसरों की नियमित जरूरत और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को जोड़कर तैयार हुआ यह मॉडल रोजगार, सेवा और बाजार तीनों को एक साथ मंच दे रहा है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज