त्योहारी सीजन में रेल यातायात सुगम बनाने की नई पहल
त्योहारों के इस व्यस्त समय में आम जनता की यात्रा को आसान बनाने के वास्ते उत्तर रेलवे ने दो नई अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। इन रेलगाड़ियों के चलने से विशेष तौर पर उन लोगों को बहुत ज्यादा सुविधा मिलेगी जो अक्सर बिना आरक्षण के अंतिम समय में सफर करते हैं। रेलवे प्रशासन की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी बहुत पहले ही जारी की जा चुकी है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। देश के इस हिस्से में त्योहारों के दौरान हर साल भारी संख्या में लोग अपने घरों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए यात्रा करते हैं। यात्रियों की इस भारी भीड़ को सुचारू रूप से संभालने और संभालने के वास्ते यह कदम बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस पूरे रूट पर विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि सभी लोग सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। उत्तर रेलवे द्वारा उठाए गए इस कदम से न केवल भीड़भाड़ कम होगी बल्कि समय की भी काफी बचत होगी।
दिल्ली झांसी और गाजियाबाद अलीगढ़ रूट पर चलेंगी गाड़ियां
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार यह ट्रेनें आगामी 5 नवंबर से पटरियों पर दौड़ना शुरू कर देंगी और दोनों ही मार्गों पर कुल तीन-तीन फेरे लगाए जाएंगे। पहली ट्रेन संख्या 04412 और 04411 हजरत निजामुद्दीन तथा झांसी के बीच चलाई जाएगी जो दोनों दिशाओं में अपनी सेवाएं देगी। वहीं दूसरी तरफ ट्रेन संख्या 04414 और 04413 गाजियाबाद और अलीगढ़ के बीच ईएमयू यानी इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट के रूप में चलाई जाएगी। इन सभी गाड़ियों के संचालन के लिए भारतीय रेलवे बोर्ड की तरफ से सभी आवश्यक मंजूरियां बहुत पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। यात्रा के दौरान रास्ते में पड़ने वाले जिन स्टेशनों से यह ट्रेनें बिना किसी ठहराव के सीधे गुजर जाएंगी उन्हें आधिकारिक विवरण तालिका में शामिल नहीं किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि ये गाड़ियां चुनिंदा और महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ही रुकेंगी ताकि सफर तय करने में कम से कम समय लगे। दोनों ही रूटों पर चलने वाली इन अनारक्षित गाड़ियों की समय सारणी को बहुत ही सावधानी के साथ तैयार किया गया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना बिल्कुल भी न करना पड़े।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड की मिली पूरी मंजूरी
भारतीय रेलवे के उच्च स्तर पर इन दोनों अनारक्षित विशेष गाड़ियों के प्रस्ताव को पूरी तरह से जांचने के बाद अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद ही उत्तर रेलवे के संबंधित विभागों ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी थी ताकि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें। त्योहारी सीजन के दौरान अक्सर ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती है और लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे कठिन समय में इस प्रकार की अनारक्षित ट्रेनें चलाना आम आदमी के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होता है। जो यात्री पहले से रिजर्वेशन नहीं करा पाते हैं वे इन अनारक्षित डिब्बों में आसानी से बैठकर अपने सफर को पूरा कर सकते हैं। रेलवे अधिकारियों का यह भी कहना है कि जरूरत पड़ने पर भीड़ की स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में बनी रहे। त्योहार के इन दिनों में इस प्रकार की परिवहन सुविधाएं बढ़ने से न केवल यातायात का दबाव कम होता है बल्कि आम नागरिकों का सफर भी काफी हद तक सुखद और सुगम बन जाता है।