अठोंदना डैम में विसर्जन के वक्त हुआ हादसा झांसी जिले में गणेश उत्सव के समापन और विसर्जन समारोह के दौरान एक अत्यंत दुखद दुर्घटना घटित हुई है, जिसमें उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा एक बीबीए का छात्र अठोंदना डैम के गहरे पानी में डूब गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह छात्र अपनी मंडली के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए डैम के निकट पहुंचा था, जहां अनुष्ठान के दौरान संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण यह अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। देखते ही देखते छात्र पानी की तेज धाराओं या गहरे तल में समा गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई। आसपास के उपस्थित नागरिकों तथा गोताखोरों ने तुरंत छात्र को बचाने का अथक प्रयास किया, परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पानी से बाहर निकाले जाने पर उसकी जान जा चुकी थी। इस आकस्मिक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने उत्सव के उल्लास को अचानक ही गहरे सदमे और मातम में बदल दिया, जिससे हर किसी की आंखें नम हो गईं।
गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक चिंताएं इस प्रकार की जल स्रोतों से जुड़ी दुर्घटनाएं हर साल त्योहारों के मौसम में प्रशासन और आम नागरिकों के सामने गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरती हैं, जहां अत्यधिक उत्साह और लापरवाही के कारण अनर्थ हो जाता है। अठोंदना डैम जैसे गहरे जलाशयों के आसपास स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद, विसर्जन के समय भारी भीड़ और अत्यधिक उमंग के आगे कई बार नियमों की अनदेखी हो जाती है। विशेषकर युवा वर्ग जब जल निकायों के नजदीक पहुंचकर उत्सव मनाते हैं, तब थोड़ी सी असावधानी जीवनभर का नासूर बन जाती है और पूरे परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे जाती है। इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को रेखांकित किया है कि सार्वजनिक उत्सवों के दौरान जलाशयों, नदियों और डैमों के किनारों पर पेशेवर बचाव दलों की तैनाती के साथ-साथ नागरिकों को भी अत्यधिक सतर्कता बरतने की सख्त आवश्यकता है। ऐसे हादसों से बचने के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि लोग निर्धारित सीमाओं के भीतर ही रहें और गहरे पानी में उतरने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।
शोक में डूबा परिवार और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया। मृतक बीबीए छात्र के घर में इस अचानक आई आपदा के कारण कोहराम मचा हुआ है, माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तथा पूरे मोहल्ले में शोक की गहरी छाया छाई हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के वक्त क्या परिस्थितियां बनी थीं। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन से यह मांग की है कि ऐसे प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भविष्य में विशेष सुरक्षा दल तैनात किए जाएं। इस प्रकार की त्रासदियों से सबक लेते हुए अब स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियानों को और अधिक तीव्र करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि कोई अन्य हंसता-खेलता परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार होने से बच सके।