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कावेरी जल विवाद: सीडब्ल्यूआरसी का कर्नाटक को निर्देश, तमिलनाडु के लिए 3,500 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ें

कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने नई दिल्ली में हुई बैठक में कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है।

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Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:15
कावेरी जल विवाद: सीडब्ल्यूआरसी का कर्नाटक को निर्देश, तमिलनाडु के लिए 3,500 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ें

अंतर-राज्यीय कावेरी नदी जल विवाद पर नई दिल्ली में आयोजित कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) की उच्चस्तरीय बैठक में बड़ा निर्देश जारी किया गया है। समिति ने कर्नाटक सरकार को आदेश दिया है कि वह अंतर-राज्यीय सीमा बिलिगुंडलू पर अगले 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक की दर से पानी छोड़े। यह निर्णय दोनों राज्यों में जलाशय स्तर, मानसून की बारिश की स्थिति और कृषि जल आवश्यकताओं की विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है।

इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री ने राज्य में जारी सूखाग्रस्त स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के कावेरी बेसिन जलाशयों में पेयजल और स्थानीय सिंचाई के लिए ही पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। कर्नाटक सरकार इस आदेश के खिलाफ शीर्ष निकाय कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) में अपील दायर करने के कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। राज्य सरकार का कहना है कि वे अपने किसानों और नागरिकों के हितों से समझौता नहीं कर सकते।

दूसरी ओर, तमिलनाडु सरकार ने समिति के इस निर्देश का स्वागत किया है और कहा है कि कुरुवई फसलों की सिंचाई के लिए इस पानी की तत्काल आवश्यकता थी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि अंतर-राज्यीय जल न्यायाधिकरण के फैसलों का कड़ाई से पालन हो। कावेरी बेसिन के दोनों राज्यों में कृषि गतिविधियों और पेयजल आपूर्ति को देखते हुए प्रशासन जल बंटवारे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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