ग्लोबल फ्रेमवर्क की आवश्यकता और नागरिकों की सुरक्षा
साइबर धोखाधड़ी को रोकने के वास्ते एक मजबूत वैश्विक खाका तैयार करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मोबाइल तकनीक ने देश के भीतर विषय निर्माण और संपर्क के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला दिया है। आज के समय में नेटवर्क और फोन की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुका है। आम आदमी किसी तकनीकी नियम या प्रोटोकॉल की भाषा में नहीं सोचता है। जब किसी नागरिक के पास कोई फोन कॉल आती है तो उसे यह पता होना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति कौन है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति डिजिटल भुगतान करता है तो उसके मन में यह पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसकी मेहनत की कमाई और व्यक्तिगत डेटा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। साइबर अपराध अब किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं रह गए हैं। दुनिया के एक हिस्से में बैठा हुआ अपराधी किसी दूसरे देश की मदद से तीसरे स्थान पर आसानी से अपराध को अंजाम दे रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय और जटिल चुनौती से सख्ती से निपटने के लिए सभी देशों को साथ मिलकर एक साझा वैश्विक व्यवस्था पर काम करना बहुत आवश्यक हो गया है।
सरकारी सेवाओं का विस्तार और नागरिकों के जीवन में आसानी
भारत की भाषाई और भौगोलिक विविधता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन ने इस अंतर को पाटने का काम किया है। अतीत में बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों के लिए शहरों का रुख करना पड़ता था जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों का बहुमूल्य समय और धन दोनों बर्बाद होते थे। वर्तमान समय में सरकार की सैकड़ों महत्वपूर्ण सेवाएं सीधे नागरिकों के मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सरकारी सहायता का पैसा सीधे जरूरतमंदों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से लगभग पांच लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से पूरी तरह सुरक्षित बच गए हैं। इसके अलावा सुदूर ग्रामीण अंचलों और गरीब परिवारों के घरों तक मोबाइल तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिना किसी रुकावट के पहुंच रही है। कोविड काल के कठिन दिनों के दौरान वर्ष 2022 तक दीक्षा मंच के माध्यम से पांच सौ करोड़ से भी अधिक सीखने के सत्र दर्ज किए गए थे। सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि देश के हर गरीब और वंचित बच्चे को ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से जोड़ा जा सके ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके।
देश सेवा के पच्चीस वर्ष और मोबाइल कांग्रेस का सफर
राष्ट्र की सेवा करते हुए अपने पच्चीस वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने इस बात का विशेष उल्लेख किया कि यह एक सुखद संयोग है कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस के भी आज दस वर्ष पूरे हो चुके हैं। भारत को जीएसएमए बोर्ड की बैठक के आयोजन के लिए चुना जाना देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें एक बेहतरीन कलाकार बताया जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से हमेशा दर्शकों का दिल जीता। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में इसी प्रतिष्ठित मंच से देश के भीतर पांच जी सेवाओं की औपचारिक शुरुआत की गई थी। इसके अगले साल यानी 2023 में इसी मंच के माध्यम से यह देश को बताया गया था कि भारत पांच जी तकनीक के क्षेत्र में किस प्रकार तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी मंच पर अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ यानी आईटीयू की सक्रिय मौजूदगी भी दर्ज की जा चुकी है।