कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'पहले ही बना दी बैड बॉय की इमेज', नेहा बोरा केस में HC की टिप्पणी पर सरकार की दलील- क्या ये दूध के धुले      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      देश के 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी; उत्तर भारत में आज कैसा रहेग      दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिव ने क्यों नहीं लिया एक्शन, RTI में खुलासा      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: वाराणसी के प्राचीन घाटों के जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ का आवंटन

उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी के पौराणिक घाटों की भव्यता को फिर से बहाल करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।

X
Kantap News डेस्क
06 अग 2026, 15:18
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: वाराणसी के प्राचीन घाटों के जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ का आवंटन

वाराणसी के विकास के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने आज 500 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे प्राचीन घाटों की संरचनात्मक सुरक्षा और सौंदर्यीकरण करना है। कई घाटों पर समय के साथ दरारें आ गई थीं, जिन्हें अब पारंपरिक वास्तुशिल्प शैलियों का उपयोग करके ठीक किया जाएगा। इस परियोजना का काम अगले महीने से शुरू होकर अगले दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

संरक्षण की तकनीकें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के विशेषज्ञों की निगरानी में पत्थरों की सफाई और नक्काशी की जाएगी। घाटों की सीढ़ियों को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक जल-निकासी प्रणाली भी लगाई जाएगी, जिससे मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का समाधान हो सके। इसके अलावा, घाटों के पास सफाई के लिए नई मशीनों और कचरा प्रबंधन संयंत्रों को स्थापित किया जाएगा ताकि गंगा नदी की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है।

पर्यटन और रोजगार पर प्रभाव सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना के बाद पर्यटन में 30% तक की वृद्धि हो सकती है। घाटों के आसपास स्थानीय हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह न केवल शहर के गौरव को बढ़ाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का एक शानदार प्रयास भी है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस योजना में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज