झांसी में दुर्गा प्रतिमा स्थापना और धार्मिक आयोजन
झांसी नगर में इस बार कुल 900 स्थानों पर माता दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा शहर के अंदर विभिन्न क्षेत्रों में मेलों का आयोजन किया जाएगा जिनकी संख्या 6 तय की गई है। धार्मिक आयोजनों की कड़ी में 6 स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जाएगा और 5 जगहों पर भव्य राम बारात निकाली जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और आयोजकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल पहले से तय किए गए स्थानों पर ही प्रतिमाओं की स्थापना करें। किसी भी ऐसी जगह पर मूर्ति स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे आम जनता को सड़क पर जाम या यातायात की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़े। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा की शुरुआत नहीं की जाएगी ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे। विसर्जन जुलूस के पुराने और निर्धारित रास्ते में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी को पुराने रूट का ही पालन करना होगा। आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहें और तय किए गए नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और डीजे को लेकर प्रशासन के कड़े निर्देश
त्योहारों के दौरान शहर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की गश्त को काफी बढ़ा दिया जाएगा। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे जिसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और आग से बचाव के लिए फायर सेफ्टी के पूरे उपकरण मौजूद रहेंगे। हर पंडाल और आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। रामलीला का आयोजन चूंकि देर रात तक चलता है इसलिए पंडालों के आसपास सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत किया जाएगा और जरूरत के मुताबिक वहां महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष रूप से ड्यूटी लगाई जाएगी। मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहेंगे और पुलिस बल हर समय तैनात मिलेगा। नदियों का जलस्तर बढ़ा होने के कारण किसी भी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए समितियों से अपील की गई है कि वे मूर्तियों का विसर्जन अस्थायी तालाबों में ही करें। विसर्जन स्थलों पर विशेष बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी और वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे केवल माननीय उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार ही बजाया जा सकेगा। इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी निर्देश जारी किया है कि डीजे को किसी भी स्थिति में सीधे विसर्जन स्थल तक ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान अपने तय किए गए स्थान पर ही मौजूद रहें और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिजली आपूर्ति सफाई अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई
त्योहारों के इन दिनों के दौरान शहर में बिजली की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक तय रोस्टर के अनुसार लगातार बिजली देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। मूर्ति विसर्जन के रास्तों पर और दूसरे प्रमुख मार्गों पर जितने भी बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं उन्हें समय रहते पूरी तरह से ठीक कराया जाएगा। नगर निगम की तरफ से पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा और साथ ही सैनिटाइजेशन का काम भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सड़कों के पैचवर्क का कार्य पूरी तरह से पूरा कर लें। अधिकारियों को यह भी ताकीद की गई है कि वे किसी भी छोटी सी घटना को मामूली समझकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यदि किसी भी प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो दोनों पक्षों की बात को पूरी गंभीरता से सुनकर समय पर उचित कार्रवाई की जाए। संवेदनशील मामलों में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचना होगा। जो भी असामाजिक तत्व शहर का माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे या किसी भी तरह के भड़काऊ बयान देंगे उनके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी लगातार आयोजकों के संपर्क में रहकर शहर की स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखेंगे ताकि पूरा पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।