Why CJI Not Meet
Rahul Gandhi : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन
के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
सूर्यकांत ने कांग्रेस सांसद और इंडी ब्लॉक के नेता राहुल
गांधी से मिलने से इनकार कर दिया है। सीजेआई ने लोकतांत्रिक रूप से राहुल गांधी से
मिलने में असमर्थता जताई है। उन्होंने सीजेआई सूर्यकांत ने विपक्ष के नेता को
संवैधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी है।
सीजेआई ने राहुल गांधी से मिलने से क्यों मना किया?
दरअसल, देश भर में एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप
लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी ब्लॉक के दल विरोध मार्च निकाल रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार विरोध मार्च को रोकने का प्रयास कर रही है। इसी
संबंध में इंडी गठबंधन के नेता राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत
से मुलाकात का समय मांगा था। सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी से साफ इनकार कर
दिया। सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी से न मिलने की वजह बताते हुए कहा है कि
सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, लेकिन कोर्ट में केवल याचिकाएं डाली
जा सकती हैं, ज्ञापन नहीं दिया जा सकता है। सीजेआई ने कहा कि वह प्रशासनिक तौर पर
राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर सकते हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश
कुमार के खिलाफ पहले से ही विपक्ष की ओर स दायर की गई कई याचिका लंबित पड़ी हैं।
सीजेआई को एक दिन बाद मिला था अनुरोध पत्र
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अपने जवाब में बताया कि उन्हें राहुल गांधी की ओर से मुलाकात के अनुरोध का पत्र
मिला था। सीजेआई ने कहा कि उन्हें पत्र एक दिन बाद मिला, क्योंकि वह बाहर थे; इस कारण
उन्होंने कल रात को लिखित में जवाब भेज दिया है। सूर्यकांत ने कहा कि जवाब पत्र
में उन्होंने मिलने में असमर्थ होने के कारणों का जिक्र किया है।
CJI ने कहा- कानूनी प्रक्रिया से मुलाकात संभव
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने लिखित जवाब में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे देश के सभी नागरिकों के लिए समान रूप से खुले हुए हैं। चाहे वह कोई आम नागरिक हो या किसी निर्वाचित निकाय, संसद या विधानसभा का सदस्य, कोई भी उचित प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल कर सकता है। सीजेआई ने आगे कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अदालत का रुख करने का पूरा अधिकार है, अदालत सभी की चिंताओं को सुनकर कानून के दायरे में जो भी उचित अधिकार बनता है, वह जरूर देगी।
लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में केवल संवैधिनक रूप से याचिकाएं ही लेकर आ सकते हैं। राजनीतिक मुद्दों या विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को याचिकाओं के माध्यम से ही कोर्ट में लाया जा सकता है, कोई भी नागरिक सीजेआई से सीधे चैंबर में आकर मुलाकात नहीं कर सकता है। चाहे वह कोई राजनेता ही क्यों न हो। सीजेआई ने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयुक्त से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट को सीधे दखल देने की मांग नहीं कर सकता है।