रांची में युवा कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित चुनाव आयोग कार्यालय परिसर में भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार गौरव ने किया। सैकड़ों की तादाद में पहुंचे इन कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में जमकर नारेबाजी की और कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बरती गई कथित अनियमितताओं को लेकर था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी दर्ज कराने के लिए उग्र प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग के निर्णयों को चुनौती दी। यह पूरा घटनाक्रम चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर घंटों तक चलता रहा, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति के बीच युवा कांग्रेस के सदस्य अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे और उच्च अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगे गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सीधा निशाना साधा। गौरव ने स्पष्ट रूप से कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जिस प्रकार से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ किया है, वह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, अन्यथा सरकार को उन्हें अविलंब बर्खास्त कर देना चाहिए। कुमार गौरव का तर्क था कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का फेरबदल मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों के साथ एक बड़ा धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के वर्तमान फैसलों से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी आवाज उठाई। आयोग के कामकाज की शैली को लेकर कार्यकर्ताओं का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिला, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए इस बदलाव को अनिवार्य बताया।
मतदाता अधिकारों को लेकर कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को मतदाताओं के मौलिक अधिकारों के खिलाफ बताया गया है। कुमार गौरव ने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया के नाम पर बड़ी तादाद में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है। कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर का उपयोग वोटरों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की एक सोची-समझी कोशिश है। उनका कहना है कि हर योग्य नागरिक का वोट देना एक संवैधानिक अधिकार है और किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया के बहाने उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित रखना पूरी तरह से गलत है। यह प्रदर्शन केवल एक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में होने वाली चुनावी पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता को दर्शाता है। यदि आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करता है, तो पार्टी इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी कर रही है ताकि सभी पात्र मतदाताओं को अपना वोट देने का सुरक्षित अधिकार प्राप्त हो सके।