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कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास: शिवालय मंदिर में सजी भव्य झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
शिवालय मंदिर प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां सुंदर झांकियों ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
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Ankit Yadav
05 सित 2026, 11:15
देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और इसी कड़ी में शिवालय मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बिंदु बना लिया है। मंदिर के भीतर और बाहर की गई सजावट देखते ही बनती थी, जिसमें पारंपरिक और आधुनिक रोशनी का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन किए और अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पूजा-अर्चना में भाग लिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस से ओतप्रोत नजर आया, जहां हर तरफ कान्हा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी।
आकर्षक झांकियां और सजावट
धार्मिक आयोजनों के इस क्रम में मंदिर प्रबंधन द्वारा तैयार की गई भव्य झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनके जन्म प्रसंग तथा वृंदावन के बाल स्वरूपों को अत्यंत सजीव और सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया था। कलात्मक मूर्तियों और आकर्षक पुष्प सज्जा के माध्यम से द्वापर युग के दृश्यों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन मनमोहक दृश्यों का आनंद लिया और अपने मोबाइल तथा कैमरों में इन पलों को कैद किया।
बजरंग गर्ग सहित कई प्रमुख गणमान्य लोगों और स्थानीय नागरिकों ने इस भव्य आयोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। इस अवसर पर वक्ताओं और आयोजकों ने भगवान कृष्ण के जीवन दर्शन, उनके उपदेशों और गीता के संदेशों पर प्रकाश डाला, जो आज के समय में भी मानवता के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मध्य रात्रि के समय जब भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का मुख्य क्षण आया, तो मंदिर परिसर में उल्लास का माहौल और अधिक बढ़ गया। शंखनाद, घंटियों की गूंज और पारंपरिक भजनों के बीच भक्तों ने नंदलाल के आगमन का स्वागत किया और महाआरती में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रसाद वितरण का कार्य भी सुचारू रूप से चलाया गया, जिसे पावन मानकर सभी ने ग्रहण किया। इस प्रकार शिवालय मंदिर में संपन्न हुआ यह जन्मोत्सव स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बन गया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक बनी रहेगी।