बदायूं में परीक्षा का आयोजन और कुल परीक्षार्थी
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी के आयोजन के सिलसिले में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस महत्वपूर्ण परीक्षा को संपन्न कराने के लिए जिले भर में कुल 25 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां हजारों की संख्या में छात्र हिस्सा ले रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। प्रत्येक पाली के दौरान परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी केंद्रों पर पहले से ही आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई थीं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। सुबह के वक्त से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था जिससे वहां एक अलग ही शैक्षणिक माहौल देखने को मिला। हर कोई अपने निर्धारित समय पर केंद्र में प्रवेश पाने के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था।
परीक्षा पालियों का समय और केंद्रों का ब्यौरा
बदायूं जिले में आयोजित हो रही इस परीक्षा को दो पालियों में विभाजित किया गया है जिससे सभी परीक्षार्थियों को उनके निर्धारित केंद्रों पर समायोजित किया जा सके। प्रत्येक पाली में ठीक 9,816 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे और दोनों पालियों की कुल संख्या मिलकर 19,632 तक पहुंचती है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक संपन्न होगी। दोनों ही पालियों में परीक्षा की कुल अवधि दो-दो घंटे निर्धारित की गई है जिसके भीतर अभ्यर्थियों को अपने सभी प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। परीक्षा के लिए केवल बदायूं शहर ही नहीं बल्कि उझानी क्षेत्र में भी विशेष केंद्र बनाए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में अलग-अलग संख्या में अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। उदाहरण के लिए ब्लूमिंगडेल स्कूल और बीआरबी मॉडल स्कूल में सबसे अधिक 600-600 अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली पब्लिक स्कूल में 576 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे जबकि राजकीय महाविद्यालय में सबसे कम 360 अभ्यर्थी परीक्षा में भाग लेंगे। अन्य सभी निर्धारित केंद्रों पर 384-384 अभ्यर्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है।
प्रवेश प्रक्रिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त नियम लागू किए हैं। किसी भी परीक्षार्थी को बिना पूरी तरह जांच प्रक्रिया से गुजरे सीधे केंद्रों के भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जांच प्रक्रिया के पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को एक-एक करके केंद्रों में अंदर जाने की अनुमति मिल रही है। पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने वाले तमाम अभ्यर्थी सुबह के शुरुआती घंटों से ही अपने-अपने केंद्रों के बाहर जुटने लगे थे। केंद्रों के बाहर और भीतर अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है ताकि परीक्षा का कार्य बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके। दूसरी पाली में भी ठीक इतने ही यानी 9,816 अभ्यर्थी परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाएंगे और उनके लिए भी प्रवेश के यही कड़े नियम लागू रहेंगे। प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहा है ताकि परीक्षा केंद्रों पर किसी प्रकार की अराजकता न फैले। आइरिस स्कैनिंग और अन्य जरूरी सत्यापन प्रक्रियाओं के बाद ही छात्रों को उनके कमरों तक भेजा जा रहा है। इस प्रकार की तमाम व्यवस्थाओं से यह सुनिश्चित हो रहा है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से सुव्यवस्थित और पारदर्शी माहौल में आगे बढ़ रही है।