परीक्षा के मद्देनजर बारहवीं कक्षा तक के सभी विद्यालय रहेंगे बंद
उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के चलते गाजियाबाद जिले के सभी शिक्षण संस्थानों पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए शुक्रवार को बारहवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी है। हालांकि इस दौरान विद्यार्थियों के लिए भले ही छुट्टी रहेगी, लेकिन शिक्षकों को अपने नियत समय पर विद्यालय आना अनिवार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश के कुल साठ जिलों में इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए तेरह सौ बहत्तर केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। गाजियाबाद क्षेत्र में भी इस बड़ी परीक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए लगातार पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं ताकि सभी अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के अपने परीक्षा हॉल तक पहुंच सकें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रत्येक केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने हर एक केंद्र पर दस पुलिसकर्मियों को तैनात करने का कड़ा निर्णय लिया है। इन तैनात सुरक्षा कर्मियों में महिला पुलिसकर्मी भी विशेष रूप से शामिल हैं जो हर स्थिति पर नजर रख रही हैं। पुलिस कमिश्नर जे। रविंदर गौड ने अपने सभी अधीनस्थ एसीपी अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा तंत्र को बेहद मजबूत रखें। नकल माफियाओं और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए केंद्रों पर बेहद सख्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। परीक्षा हॉल में प्रवेश पाने से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड और आधार कार्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बायोमेट्रिक और फेस-रेटिना स्कैन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
पूर्व के आंकड़े और आगामी समय में होने वाले परीक्षा के चरण
बीती पच्चीस अक्टूबर को इस परीक्षा के पहले दिन जिले में कुल चालीस हजार छह सौ आठ अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए थे, जिनकी उपस्थिति पर सबकी नजर थी। पहली पाली के दौरान बीस हजार तीन सौ चार पंजीकृत विद्यार्थियों में से तेरह हजार आठ सौ चवालीस अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं इसी क्रम में दूसरी पाली के दौरान भी बीस हजार तीन सौ चार में से चौदह हजार सड़सठ परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इन आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दोनों पालियों को मिलाकर कुल बारह हजार छह सौ संतानबे अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए केंद्रों पर पहुंचे ही नहीं थे। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कड़ा नियम भी बनाया गया है कि निर्धारित समय से ठीक आधा घंटा पहले ही सभी केंद्रों के मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। एक बार गेट बंद होने के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी नए व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया का अगला और महत्वपूर्ण चरण आगामी एक नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।