बरेली में पीईटी परीक्षा का आयोजन और केंद्रों की संख्या
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित की जा रही पीईटी-2026 परीक्षा के तहत बरेली में कुल 62,064 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया है। इस बार जिले की सीमा के भीतर कुल 23 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है, जबकि पिछले साल यह संख्या 45 केंद्रों की थी। परीक्षा का यह महत्वपूर्ण आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को निर्धारित तिथियों पर हो रहा है। प्रशासन के सामने इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी नकल के और पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में पूरा करने की बड़ी चुनौती है। बड़ी तादाद में परीक्षार्थियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी के विशेष इंतजाम किए हैं। हर एक पाली के दौरान कुल 10,344 विद्यार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। परीक्षा केंद्रों के भीतर प्रवेश पाने से पहले सभी अभ्यर्थियों की बेहद कड़ी और सघन जांच की जाएगी। अधिकारियों के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने के ठीक आधे घंटे पहले ही प्रवेश द्वार पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे ताकि समय की पाबंदी बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश बाकी न रहे।
मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों की तैनाती से निगरानी
परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन और सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा का मजबूत खाका तैयार किया है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए विभिन्न स्तर के मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक ढांचे के तहत 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कुल 6 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं जो लगातार परीक्षा केंद्रों का जायजा लेंगे। इसके अतिरिक्त आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व मजिस्ट्रेट भी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया के नोडल अधिकारी के रूप में एडीएम सिटी डॉ। अविनाश त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है जो व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों की सहूलियत के लिए रेलवे और रोडवेज विभागों ने भी विशेष कदम उठाए हैं। भारतीय रेलवे द्वारा तीन जोड़ी स्पेशल परीक्षा ट्रेनें चलाई जा रही हैं और जंक्शन पर आरपीएफ तथा जीआरपी की आठ संयुक्त टीमें मुस्तैद हैं। रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर के साथ हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो। इसके अलावा रोडवेज की ओर से कुल 120 अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है जिससे परीक्षार्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
चिकित्सा सहायता और परिवहन संबंधी विशेष व्यवस्थाएं
परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य और उनकी अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। इम्तिहान के दौरान यदि किसी भी छात्र की अचानक तबीयत खराब होती है तो उसे तुरंत डॉक्टरी सहायता मिल सकेगी। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक दो परीक्षा केंद्रों के बीच एक एम्बुलेंस तैनात रखने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को बस अड्डों और मुख्य रेलवे स्टेशन से सीधे परीक्षा केंद्रों तक लाने ले जाने के वास्ते सिटी बसों की सुविधा भी दी जा रही है। शहर के सभी होटलों, रेस्टोरेंटों और खानपान की दुकानों पर भी प्रशासन की पैनी नजर लगातार बनी हुई है। यदि किसी भी परीक्षार्थी से दुकानदारों द्वारा मनमाना किराया वसूलने या खाने-पीने की वस्तुओं के दाम अधिक लेने की कोई भी शिकायत मिलती है तो प्रशासन तुरंत सख्त कार्रवाई करेगा। रेलवे स्टेशनों से लेकर बस अड्डों तक विशेष निगरानी दल तैनात हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को किसी भी असुविधा से बचाया जा सके। आयोग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा का यह पूरा दौर बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हो सके और सभी अभ्यर्थी सुरक्षित अपने गंतव्य तक लौट सकें।