साठ जिलों में परीक्षा का आयोजन
राज्यभर में आज से शुरू हुई इस विशेष पात्रता परीक्षा के लिए कुल साठ जिलों में व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। इन विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बारह लाख परीक्षार्थी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आयोग की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है ताकि किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस विभाग के नुमाइंदों को पहले ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जरूरी निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा के पहले दिन प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आया और सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। परीक्षा देने वाले छात्र सुबह से ही अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने लगे थे और अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं को लगातार परखा जा रहा था।
अधिकारियों की बैठक और समीक्षा
परीक्षा संचालन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अध्यक्ष सत्य नारायण साबत की अगुवाई में उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें की गई हैं। सभी संबंधित जिलों के अपर जिलाधिकारियों और नोडल पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो लिंक के जरिए विस्तृत चर्चा हो चुकी है। प्रशासनिक तंत्र ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरा कराया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाया गया है। गुरुवार के रोज परीक्षा से ठीक पहले एक रिहर्सल का आयोजन भी किया गया था ताकि मैदानी स्तर की तैयारियों में कोई कमी न रह जाए। अधिकारियों को यह विशेष हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने इलाकों में पैनी नजर रखें और हर गतिविधि पर लगातार अपडेट लेते रहें।
मौसम और आगे का पूरा कार्यक्रम
मौजूदा मौसम में संभावित बदलाव और बारिश की आशंका को देखते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों को खासी सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम के मिजाज को भांपते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बारिश की स्थिति में भी परीक्षा व्यवस्था पर कोई बुरा असर न पड़े। इस विशेष परीक्षा के तहत आज शुक्रवार को दूसरे दिन का इम्तिहान चल रहा है, जबकि इससे पहले पच्चीस अक्टूबर को भी परीक्षा का एक चरण संपन्न हो चुका था। अब इसके बाद आगामी एक नवंबर को तीसरे और अंतिम चरण की परीक्षा आयोजित की जाएगी। एहतियात के तौर पर परीक्षा केंद्रों वाले सभी संबंधित जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है जिससे यातायात और छात्रों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें आसमान पर नजर बनाए हुए हैं।