स्वास्थ्य जांच में पिछड़ता जिला
सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण के संदर्भ में धनबाद की स्थिति काफी कमजोर पाई गई है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा सितंबर माह में जारी की गई एक समीक्षा रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि जिला इस मामले में अठारहवें स्थान पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार जिले के सरकारी विद्यालयों में कुल 1,65,576 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी नामांकित बच्चों की तुलना में अगस्त महीने तक केवल 46,630 बच्चों का ही स्वास्थ्य परीक्षण संभव हो पाया है। यह कुल विद्यार्थियों की संख्या का मात्र 28.2 प्रतिशत हिस्सा बनता है। वित्तीय वर्ष के दौरान किए जाने वाले कुल स्वास्थ्य परीक्षणों और कुल नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर ही इन सभी प्रतिशत आंकड़ों की गणना की गई है। इस बड़ी कमी के कारण बच्चों की सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं मिल पा रहा है और जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्य में और अधिक तेजी लाने की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
विभिन्न जिलों की स्थिति और रैंकिंग
राज्यभर के विभिन्न जिलों में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के आंकड़े काफी अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए हैं। अगस्त 2026 तक संकलित रिपोर्ट के अनुसार साहिबगंज जिला 69.5 प्रतिशत की दर के साथ पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज है। इसके बाद गुमला जिला 64.8 प्रतिशत के साथ दूसरे और कोडरमा जिला 59 प्रतिशत के आंकड़े के साथ तीसरे पायदान पर बना हुआ है। दूसरी ओर सबसे निचले पायदान पर रहने वाले जिलों में पाकुड़ का नाम शामिल है जो 16 प्रतिशत के साथ चौबीसवें स्थान पर है। गिरिडीह जिला 16.6 प्रतिशत के साथ तेईसवें और चतरा जिला 19.7 प्रतिशत की दर के साथ बाईसवें स्थान पर अपनी स्थिति दर्ज करा रहा है। इसी प्रकार स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां वितरित करने के मामले में भी धनबाद की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इस वितरण प्रक्रिया में धनबाद को राज्य स्तर पर बाईसवां स्थान मिला है। जिले के सरकारी विद्यालयों में नामांकित कुल बच्चों में से 1,17,385 विद्यार्थियों को आयरन तथा फोलिक एसिड की गोलियां दी जा चुकी हैं जो कुल नामांकन का 70.9 प्रतिशत है।
मुख्यालय के निर्देश और वितरण
आयरन और फोलिक एसिड टैबलेट के वितरण कार्य में हजारीबाग जिला 97.2 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ राज्य सूची में शीर्ष स्थान पर है। पूर्वी सिंहभूम जिला 96 प्रतिशत के साथ दूसरे और रामगढ़ जिला 95.9 प्रतिशत के साथ तीसरा बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला जिला बना है। इसके विपरीत बोकारो जिला 67.5 प्रतिशत के साथ चौबीसवें यानी अंतिम स्थान पर है और गोड्डा जिला 68.1 प्रतिशत के साथ तेईसवें स्थान पर दर्ज किया गया है। धनबाद, गोड्डा और बोकारो वे इलाके हैं जिनका प्रदर्शन इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत काफी कम रहा है। खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए राज्य मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि आगामी महीनों में सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने के वास्ते जिला प्रशासनों को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर समन्वय से काम करना चाहिए। सभी विद्यार्थियों की समय पर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के साथ ही रिपोर्टिंग प्रक्रिया को भी पूरी तरह सटीक और समयबद्ध बनाया जाना जरूरी है। प्रगति की गति को तेज करने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यालय स्तर पर वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने की हिदायत दी गई है।