शेयर बाजार की तेज शुरुआत
भारतीय वित्तीय बाजारों में आज कारोबार की शुरुआत बेहद मजबूत और सकारात्मक स्तर के साथ हुई है। शुरुआती घंटों में ही निवेशकों की सक्रियता के कारण प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स उछलकर 76,660 के महत्वपूर्ण आंकड़े पर पहुंच गया है। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख पैमाना निफ्टी भी मजबूती दिखाते हुए 23,926 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार के इन शुरुआती आंकड़ों ने निवेशकों के चेहरे पर खुशी ला दी है और विश्लेषकों का मानना है कि यह रफ्तार आने वाले घंटों में भी बनी रह सकती है। कारोबार की इस शुरुआत से बाजार के विभिन्न सेक्टरों में सकारात्मक माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है। वित्तीय जानकारों का कहना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार मिल रहे समर्थन और वैश्विक संकेतों के बेहतर होने की वजह से यह तेजी देखने को मिली है। बाजार खुलने के साथ ही चुनिंदा शेयरों में भारी लिवाली का दौर शुरू हो गया है जिससे कारोबारियों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
कारोबारियों और सूचकांकों का हाल
कारोबार के शुरुआती दौर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों ने अपनी पिछली बंद स्थिति के मुकाबले मजबूत पकड़ बनाई है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स जब 76,660 के स्तर पर खुला तो इसके प्रमुख घटक शेयरों में जबरदस्त खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,926 के मजबूत पायदान पर खुला जिससे बाजार में कारोबार की गति तेज हो गई है। ब्रोकरेज फर्मों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आज के सत्र में बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खासी हलचल देखने को मिल रही है। खुद और संस्थागत निवेशकों की तरफ से पूंजी बाजार में पैसा लगाए जाने के कारण शेयरों के भाव में ऊपर की ओर रुझान बना हुआ है। बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का रुख यदि ऐसा ही सकारात्मक रहा तो कारोबार के अंत तक सूचकांक और भी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। फिलहाल बाजार के सभी बड़े काउंटर हरे निशान के साथ कारोबार कर रहे हैं और ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया है जो बाजार की मजबूती को पुख्ता करता है।
बाजार की पृष्ठभूमि और महत्व
भारतीय शेयर बाजार की यह मजबूत चाल देश की अर्थव्यवस्था के बदलते परिदृश्य और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को भली-भांति दर्शाती है। शेयर बाजार किसी भी देश की आर्थिक सेहत का पैमाना माना जाता है जहां रोज करोड़ों शेयरों का क्रय-विक्रय होता है। सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांक बाजार के कुल रुख को मापने का काम करते हैं जिनमें आई हर एक तेजी या मंदी का सीधा असर आम निवेशकों और कंपनियों की वित्तीय सेहत पर पड़ता है। जब बाजार इस तरह मजबूत शुरुआत करता है तो इससे नई कंपनियों को आईपीओ लाने और पुरानी कंपनियों को अपनी पूंजी बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का हमेशा यह सुझाव रहता है कि शेयर बाजार में निवेश करने से पहले निवेशकों को पूरी तरह से सोच-विचार कर लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचना चाहिए। वैश्विक स्तर पर होने वाले बदलाव, मुद्रास्फीति के आंकड़े और केंद्रीय बैंकों की नीतियां भी बाजार की इस चाल को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस प्रकार की सकारात्मक शुरुआत से छोटे और मझोले निवेशकों में भी उत्साह बढ़ता है जो देश के पूंजी बाजार को और अधिक गहराई व मजबूती प्रदान करने में सहायक साबित होता है।