लखनऊ से उड़ान भरने वालों के लिए मुश्किलें त्योहारों के इस विशेष समय में लखनऊ से फ्लाइट पकड़ने की योजना बना रहे यात्रियों को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि दीपावली के नजदीक आते ही विमानन कंपनियों ने हवाई सफर के किराए में भारी वृद्धि कर दी है। इसके साथ ही विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाली कई उड़ानों की संख्या में भी कटौती की गई है जिसके कारण यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय हवाई अड्डे से विभिन्न गंतव्यों के लिए सफर करने वाले आम नागरिकों को इस अचानक हुए बदलाव के कारण अपनी यात्रा के बजट में बड़ा फेरबदल करना पड़ रहा है और कई लोगों को तो अपनी छुट्टियों की योजनाओं को भी रद्द या संशोधित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। विमानन बाजार के जानकारों का मानना है कि त्योहार के दिनों में यात्रियों की बढ़ती भारी भीड़ और सीमित सीटों की उपलब्धता के कारण इस प्रकार के किराए में अचानक उछाल देखने को मिलता है।
त्योहारी सीजन में मांग और आपूर्ति का संकट उत्सवों के इस मौसम में हर वर्ष देश भर में यात्रा करने वालों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाती है क्योंकि लोग अपने परिवार और प्रियजनों के साथ इस बड़े पर्व को मनाने के लिए अपने गृह नगरों की ओर रुख करते हैं। इसी उच्च मांग का सीधा फायदा उठाते हुए विमानन कंपनियां अक्सर किराए के दाम बढ़ा देती हैं और कई बार परिचालन संबंधी कारणों या तकनीकी प्रबंधन का हवाला देकर उड़ानों के फेरों को भी कम कर देती हैं। इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए नियामक संस्थाओं और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लगातार सतर्क रहना पड़ता है ताकि आम जनता का अत्यधिक आर्थिक शोषण न हो सके। हालांकि मांग और आपूर्ति के इस पारंपरिक चक्र के कारण त्योहारी दिनों में हवाई यात्रा हमेशा से ही अत्यधिक खर्चीली साबित होती आई है और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण महानगरों से संचालित होने वाली उड़ानों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलता है जहाँ से उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए और देश के अन्य बड़े शहरों के लिए रोजाना हजारों यात्री आवागमन करते हैं।
यात्रियों पर वित्तीय बोझ और आगे की चुनौतियाँ हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी और उड़ानों की संख्या सीमित होने से न केवल आम मध्यम वर्ग के यात्रियों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है बल्कि उन्हें अपनी यात्रा की तैयारियों को लेकर भारी मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में विमानन कंपनियों ने इस दिशा में कोई राहतकारी कदम नहीं उठाया या अतिरिक्त उड़ानों का संचालन शुरू नहीं किया तो त्योहारी सीजन के दौरान स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की बुकिंग बहुत पहले ही कर लें ताकि अंतिम समय में होने वाली भारी वित्तीय क्षति से बचा जा सके, हालांकि इस समय अधिकांश रूटों पर टिकट पहले ही महंगे बिक रहे हैं। इस पूरी परिस्थिति के कारण लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है और वे त्योहार के समय इस प्रकार की व्यावसायिक नीतियों पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं ताकि त्यौहार की खुशियां आर्थिक दबाव के कारण फीकी न पड़ सकें।