कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

अस्पताल में हंगामा: ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत पर पांच घंटे तक प्रदर्शन

लखनऊ के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत का मामला सामने आया है। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और पांच घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा।

A
Ankit Yadav
10 अक्ट 2026, 11:00
अस्पताल में हंगामा: ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत पर पांच घंटे तक प्रदर्शन

निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत

लखनऊ के एक निजी चिकित्सा संस्थान में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब एक मरीज की सर्जरी के उपरांत मौत हो गई। इस दुखद घटना के सामने आने के बाद मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना था कि डॉक्टर की कथित रूप से गलत देखरेख और उपचार के कारण मरीज की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भी भीड़ वहां जुटने लगी और देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते अस्पताल के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मरीजों और उनके अन्य तीमारदारों को भी इस हंगामे के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों के लिए स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था क्योंकि शोकाकुल और आक्रोशित परिजन लगातार उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

पांच घंटे तक चला हंगामा और प्रदर्शन

ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत से उपजा आक्रोश इतनी जल्दी शांत नहीं हुआ और अस्पताल परिसर में करीब पांच घंटे तक लगातार हंगामा चलता रहा। मृतक के परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के सामने बैठकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। इस दौरान परिजनों ने चिकित्सालय के भीतर जाकर भी विरोध जताया और डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगने का प्रयास किया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने और शांत कराने की काफी कोशिश की लेकिन परिजन अपनी जिद पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ ठोस मामला दर्ज नहीं किया जाता तब तक उनका प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। पुलिस प्रशासन लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास करता रहा ताकि किसी प्रकार की हिंसा न हो सके। करीब पांच घंटे की लंबी मशक्कत और अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद जाकर स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो पाई और लोग शांत हुए।

स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा पर उठते सवाल

इस प्रकार की घटनाएं अक्सर निजी चिकित्सा संस्थानों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। जब कभी किसी मरीज की इलाज के दौरान अप्रत्याशित मौत होती है तो अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच टकराव की स्थिति आम हो जाती है। चिकित्सा के क्षेत्र में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए ताकि इस तरह के तनावपूर्ण हालात से बचा जा सके। नियमों के अनुसार हर निजी अस्पताल को अपने यहां आने वाले मरीजों के इलाज का पूरा रिकॉर्ड और पारदर्शी व्यवस्था रखनी अनिवार्य होती है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में स्थिति स्पष्ट रह सके। इस मामले में भी प्रशासन और संबंधित विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करें। यदि जांच में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही पाई जाती है तो दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं से यह भी सीख मिलती है कि अस्पतालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि आपात स्थिति में किसी भी तरह के बड़े विवाद को समय रहते टाला जा सके।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज