अस्पतालों में दो दिन का समय बदलाव
लखनऊ के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों में आज से दो दिनों तक ओपीडी यानी बाह्य रोगी विभाग में काम का समय आधा रहेगा। सोमवार और मंगलवार को ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक ही संचालित की जाएगी। इस दौरान मेडिकल संस्थानों में नए मरीजों को डॉक्टर नहीं देखेंगे। बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉक्टर बीकेएस चौहान ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह समय तय किया गया है। लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय के निदेशक डॉक्टर विवेक गुप्ता ने भी स्पष्ट किया है कि ओपीडी में हॉफ डे वर्किंग रहेगी ताकि किसी भी मरीज को इलाज पाने में असुविधा न हो। प्रशासन ने यह कदम मरीजों की सहूलियत को देखते हुए उठाया है और सभी जगह व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं ताकि लोग समय पर अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से जरूरी सलाह ले सकें।
अलग-अलग संस्थानों में इलाज की व्यवस्था
विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों ने इस दो दिवसीय व्यवस्था के तहत अपने यहाँ आने वाले मरीजों के लिए खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एसजीपीजीआई की ओपीडी में केवल उन्हीं मरीजों को देखा जाएगा जिनकी आज की तारीख पहले से तय थी। इसके अलावा एसजीपीजीआई में ओपीडी के अतिरिक्त पहले से निर्धारित की गई जांच और ऑपरेशन भी सुचारू रूप से संपन्न किए जाएंगे। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय यानी केजीएमयू में ओपीडी का संचालन सामान्य दिनों की तरह ही किया जाएगा और वहाँ किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की ओपीडी में नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से बंद रहेगा लेकिन पुराने और पहले से पंजीकृत मरीजों को डॉक्टर की सलाह मिलती रहेगी। लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉक्टर भुवन चंद तिवारी ने बताया कि तय किए गए ऑपरेशन भी निर्धारित समय पर किए जाएंगे। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने कहा कि जो मरीज पहले से भर्ती हैं उनका इलाज लगातार जारी रहेगा और छुट्टी के बावजूद डॉक्टर दोनों दिन ओपीडी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
इमरजेंसी सेवाएं और सुरक्षा के इंतजाम
ओपीडी का समय सीमित होने के बावजूद गंभीर रूप से बीमार या आपात स्थिति वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं चौबीस घंटे पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी और राउंड द क्लॉक डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। गंभीर स्थिति वाले लोग ओपीडी के समय का इंतजार करने के बजाय सीधे इमरजेंसी में पहुँचकर राहत पा सकते हैं जहाँ डॉक्टर फुल अलर्टनेस के साथ मौजूद रहेंगे। लोकबंधु अस्पताल के निदेशक डॉक्टर विवेक गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि बिना इलाज के अस्पताल से कोई भी मरीज वापस नहीं लौटेगा और इसके लिए पूरा ड्यूटी रोस्टर भी पहले ही जारी कर दिया जा चुका है। एसजीपीजीआई और अन्य बड़े संस्थानों में भी इमरजेंसी सेवाएं तथा चौबीस घंटे चलने वाली सभी महत्वपूर्ण लैब पूरी तरह से खुली रहेंगी। ओपीडी के समय के दौरान हालांकि नमूने नहीं लिए जाएंगे और प्रशासनिक भवन तथा ब्लॉक भी पूरी तरह से बंद रहेंगे, लेकिन आपातकालीन मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।