कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

बलरामपुर अस्पताल: डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होने से मौत

लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में डायलिसिस के दौरान एक मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो जाने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

A
Ankit Yadav
04 अक्ट 2026, 14:39
बलरामपुर अस्पताल: डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होने से मौत

डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान मरीज की हालत बिगड़ी

लखनऊ जिले में स्थित प्रमुख चिकित्सा संस्थान बलरामपुर अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मरीज की डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान अचानक तबीयत बहुत अधिक खराब हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिकित्सालय के डायलिसिस कक्ष में संबंधित मरीज को कृत्रिम गुर्दा प्रणाली के माध्यम से रक्त शोधन की प्रक्रिया दी जा रही थी। इसी चिकित्सीय सत्र के दौरान अचानक रोगी के स्वास्थ्य मापदंडों में भारी गिरावट दर्ज की गई और उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई। अस्पताल के चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत रोगी को संभालने का प्रयास किया और आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने की कोशिश की। इसके बावजूद रोगी की हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं। इस आकस्मिक घटना से मौके पर मौजूद चिकित्सा कर्मियों में भी चिंता और सनसनी फैल गई। तुरंत ही इस घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई जिसके बाद अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस बड़े संस्थान में इस प्रकार की घटना घटित होने से वहां की आंतरिक कार्यप्रणाली और आपातकालीन तैयारियों पर भी कई प्रकार के सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

अस्पताल में उपचार के दौरान रोगी की हुई मौत

बलरामपुर चिकित्सालय के भीतर उपचार प्रक्रिया के दौरान हुई इस दुखद मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिवार वाले और उनके रिश्तेदार तुरंत अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। परिजनों का आरोप है कि डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान यदि समय रहते उचित सतर्कता बरती जाती तो शायद इस प्रकार की अनहोनी को टाला जा सकता था। अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया और पूरी घटना की आंतरिक स्तर पर समीक्षा करने का आश्वासन दिया। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार डायलिसिस एक ऐसी संवेदनशील प्रक्रिया है जिसमें गुर्दे के फेल होने की स्थिति में मशीन के जरिए शरीर का रक्त साफ किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और अन्य चिकित्सीय जटिलताएं उत्पन्न होने का हमेशा जोखिम बना रहता है। इस मामले में भी डॉक्टरों की टीम ने अपनी तरफ से हरसंभव चिकित्सीय प्रयास किए लेकिन रोगी के शरीर ने इलाज के प्रति कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। अस्पताल प्रशासन अब इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रक्रिया के दौरान किस स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हुई थीं।

डायलिसिस चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की पृष्ठभूमि

गुर्दे की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस एक जीवन रक्षक चिकित्सा प्रक्रिया होती है जिसके माध्यम से शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को कृत्रिम तरीके से बाहर निकाला जाता है। लखनऊ स्थित बलरामपुर अस्पताल क्षेत्र का एक बड़ा और पुराना सरकारी चिकित्सा संस्थान है जहां रोजाना बड़ी संख्या में दूर-दराज से मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। इस प्रकार के बड़े अस्पतालों में किडनी के गंभीर रोगियों के लिए विशेष डायलिसिस यूनिट संचालित की जाती हैं ताकि जरूरतमंदों को कम खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। हालांकि इस तरह की उच्च जोखिम वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान कभी-कभी मरीजों की शारीरिक स्थिति अत्यधिक कमजोर होने के कारण अचानक जटिलताएं सामने आ जाती हैं। ऐसी घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन हमेशा से यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि डायलिसिस इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए। इस ताजा घटना ने एक बार फिर से इस बात को रेखांकित कर दिया है कि गंभीर रोगियों के उपचार के दौरान तकनीकी और चिकित्सीय सतर्कता कितनी अधिक आवश्यक होती है। चिकित्सा जगत में इस तरह के मामलों की गहन समीक्षा भविष्य में इस प्रकार की आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज