कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

भंडारे का खाना: धौलपुर के ग्रामीण हुए बीमार, अस्पताल में भर्ती

धौलपुर जिले के एक गांव में धार्मिक आयोजन के दौरान परोसा गया भोजन खाने से करीब एक दर्जन लोग बीमार हो गए हैं। पेट दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप कर मोर्चा संभाल लिया है।

A
Ankit Yadav
06 अक्ट 2026, 11:17
भंडारे का खाना: धौलपुर के ग्रामीण हुए बीमार, अस्पताल में भर्ती

मनीराम का पुरा गांव की घटना

धौलपुर जिले के मनीराम का पुरा गांव स्थित एक मंदिर परिसर में रविवार के दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान के तहत सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया गया था। इस दौरान गांव के तमाम महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साह के साथ प्रसाद ग्रहण किया था और भोजन का आनंद लिया था। लेकिन इस सार्वजनिक भोज के अगले दिन यानी सोमवार को ग्रामीणों की सेहत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी। एक के बाद एक कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियां होने लगीं जिससे पूरे ग्रामीण इलाके में भारी हड़कंप मच गया। बीमार पड़ने वाले इन सभी लोगों ने मुख्य रूप से उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द होने की गंभीर शिकायत की। देखते ही देखते गांव के अंदर एक दर्जन से अधिक लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आ गई जिससे हर कोई चिंतित हो उठा। इस अचानक फैली बीमारी के कारण पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक यह सब कैसे हो गया। प्रभावित हुए लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए गए हैं जिन्हें शुरुआती दौर में घर पर ही परेशानी महसूस हुई थी। जब एक ही समय में गांव के कई लोगों को एक जैसे लक्षण दिखाई दिए तब जाकर इस गंभीर स्थिति की गंभीरता का सभी को अहसास हुआ।

स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई

गांव में एक साथ कई लोगों की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया। विभाग के अधिकारियों ने बिना किसी देरी के अपनी एक विशेष चिकित्सकीय टीम को तत्काल प्रभाव से मनीराम का पुरा गांव के लिए रवाना कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की यह टीम तय समय पर मौके पर पहुंची और गांव में बीमार पड़े सभी मरीजों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच शुरू की। टीम के डॉक्टरों ने सभी प्रभावित लोगों की स्थिति का जायजा लिया और उनकी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों को नोट किया। जिन ग्रामीणों की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही थी, उन्हें बिना कोई जोखिम उठाए बेहतर और उच्च उपचार के लिए जिला अस्पताल धौलपुर भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, जिन मरीजों की शारीरिक स्थिति सामान्य या खतरे से बाहर बताई जा रही थी, उनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के अंदर ही शुरू कर दिया। गांव में ही कैंप लगाकर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने दवाइयां दीं और लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए रखी। इस त्वरित मेडिकल कार्रवाई के कारण गांव में स्थिति को किसी हद तक नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिली और मरीजों को समय पर जरूरी उपचार मिल सका।

भोजन और बीमारी का संबंध

प्रारंभिक दौर की जांच-पड़ताल में यह बात पूरी तरह सामने आई है कि सभी ग्रामीणों की तबीयत रविवार को आयोजित भंडारे में भोजन करने के बाद ही बिगड़ी थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट रूप से सामने आ सकेगा कि बीमारी की वास्तविक वजह क्या रही थी। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ग्रामीण भोजन की गुणवत्ता खराब होने की वजह से बीमार हुए या इसके पीछे कोई अन्य वजह जिम्मेदार थी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच और निगरानी के बाद ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सबके सामने साफ हो पाएगी। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में ही डेरा डाले हुए है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही है। टीम के सदस्य लगातार घर-घर जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की ताजा स्थिति की जानकारी जुटा रहे हैं ताकि किसी भी नई आपात स्थिति से निपटा जा सके। जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत आगे का चिकित्सकीय उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है और गंभीर मामलों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था बरकरार है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज