खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में नमूने हुए फेल
त्योहारी सीजन के मद्देनजर मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए जिला बिलासपुर में खाद्य सुरक्षा महकमे ने एक विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत बाजार से पनीर के कई नमूने उठाकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे ताकि खाद्य पदार्थों की शुद्धता की परख की जा सके। जब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आई तो तीन नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे और सब-स्टैंडर्ड पाए गए। इन नमूनों के फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फौरन संज्ञान लेते हुए संबंधित दुकानदारों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के जरिए नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस पाने वाले दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी एक महीने के भीतर अपना जवाब विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया जाता है, तो इसके लिए संबंधित दुकानदार स्वयं पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
कुछ समय पहले बाजार में बेचे जा रहे पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर हर तरफ संदेह और सवाल उठने लगे थे। स्थिति यह थी कि न केवल बिलासपुर जिले बल्कि हिमाचल प्रदेश के अन्य तमाम जिलों में भी दुग्ध उत्पादों की क्वालिटी को लेकर लगातार आशंका बनी हुई थी। आमजन की सेहत से जुड़े इस गंभीर मसले को देखते हुए उच्चाधिकारियों की तरफ से विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपने नियमित निरीक्षण अभियान को तेज किया और विभिन्न दुकानों से पनीर के सैंपल जुटाए। विभाग के सहायक नियंत्रक महेश कश्यप ने बताया कि बिलासपुर जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में दुकानों का औचक निरीक्षण करना उनकी नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा है। नियमों की अनदेखी या अवहेलना मिलने पर विभाग हमेशा बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कानूनी कदम उठाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला हर खाद्य पदार्थ पूरी तरह सुरक्षित हो और किसी भी स्तर पर जनस्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे। दुकानदारों को भी पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि वे अपनी दुकानों पर मिलने वाले सामान की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें।
त्योहारी सीजन के मद्देनजर बाहर से आने वाली मिठाइयों पर पैनी नजर
त्योहारों के इस सीजन के दौरान प्रदेश के भीतर बाहरी राज्यों से भारी मात्रा में पनीर और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की आपूर्ति होती है। पनीर के नमूने फेल आने के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी चौकसी और अधिक बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके। विभाग की टीमें अब इस बात का गहराई से पता लगाने में जुट गई हैं कि इन दुकानदारों को पनीर की खेप आखिरकार कहां से सप्लाई की जा रही थी। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं ये दुकानदार दोबारा उसी स्रोत से तो पनीर नहीं मंगवा रहे हैं जहां से पहले घटिया माल आया था। इसके अलावा अन्य कई तकनीकी पहलुओं पर भी बारीकी से छानबीन की जा रही है ताकि आपूर्ति चैन का पूरा सच सामने आ सके। बाहरी राज्यों से आने वाली तमाम मिठाइयों और खाद्य सामग्रियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि त्योहारी उल्लास के बीच मिलावटी सामान बाजार में न बिक सके। विभाग का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।