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चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति: हरियाणा के मंत्री राजेश नागर ने 16वें आईआईसी शिखर सम्मेलन 2026 का किया उद्घाटन
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री राजेश नागर ने हाल ही में आयोजित 16वें आईआईसी शिखर सम्मेलन 2026 का औपचारिक शुभारंभ किया। इस बड़े मंच पर चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर हृदय देखभाल के क्षेत्र में हो रहे नए आविष्कारों और तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
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Ankit Yadav
23 अग 2026, 15:25
देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीक को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण आयोजनों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में आयोजित हुए 16वें आईआईसी शिखर सम्मेलन 2026 का मुख्य आकर्षण चिकित्सा विज्ञान और हृदय रोगों से जुड़े नवीनतम उपचार रहे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और डॉक्टरों व शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कार्डियक केयर यानी हृदय से जुड़ी बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और सटीक अनुसंधान की बहुत अधिक आवश्यकता है।
हृदय रोगों के उपचार पर मंथन
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन के दौरान देश और दुनिया से आए प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े दिग्गजों ने हिस्सा लिया। सत्रों के दौरान वक्ताओं ने कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में आई नई तकनीकों, जैसे न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, उन्नत पेसमेकर और रोबोटिक सर्जरी पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अत्याधुनिक तकनीकों के आने से न केवल जटिल हृदय शल्य चिकित्सा अधिक सुरक्षित हो गई है, बल्कि मरीजों के ठीक होने की अवधि भी काफी कम हो गई है। इसके अलावा, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक बेहतर कार्डियक सुविधाएं कैसे पहुंचाई जाएं, इस पर भी गंभीर चर्चा की गई ताकि हर जरूरतमंद को समय पर उचित चिकित्सा मिल सके।
सम्मेलन में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि भारत में बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण कम उम्र के लोगों में भी दिल की बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल अस्पतालों के भरोसे रहने के बजाय निवारक स्वास्थ्य सेवा और समय पर नियमित जांच के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे जनता के बीच जाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश फैलाएंगे और युवाओं में बढ़ रहे हृदय रोगों के जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे।
भविष्य की स्वास्थ्य नीतियां
राज्य मंत्री राजेश नागर ने अपने संबोधन में आश्वासन दिया कि सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस तरह के वैश्विक और राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल चिकित्सा विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि नीति निर्माताओं को भी भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों की रूपरेखा तैयार करने में अमूल्य सहायता देते हैं। आने वाले समय में सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे राज्य के नागरिकों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं आसानी से और कम लागत में उपलब्ध हो सकें।