दांत निकलवाने के बाद बिगड़ी युवक की तबीयत कानपुर देहात के एक स्थानीय इलाके में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब एक युवा मरीज की डेंटिस्ट्री प्रक्रिया के बाद मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने अपने दांत के दर्द से राहत पाने के लिए किसी पंजीकृत अस्पताल या योग्य चिकित्सक के पास जाने के बजाय एक कथित अप्रशिक्षित झोलाछाप डॉक्टर से संपर्क साधा था। आरोप है कि उस तथाकथित चिकित्सक ने बिना किसी चिकित्सीय मानक या विशेषज्ञता के दांत निकालने की प्रक्रिया को अंजाम दिया, जिसके तुरंत बाद मरीज की शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। हालत अधिक गंभीर होने पर उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुई दुर्दशा से परिवार के लोग पूरी तरह टूट गए और उनके भीतर गहरा शोक व गुस्सा व्याप्त हो गया।
झोलाछाप संस्कृति और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत इस प्रकार की घटनाएं अक्सर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था और बिना डिग्री के प्रैक्टिस करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते आतंक को उजागर करती हैं। भारत के कई हिस्सों में आज भी लोग नीम-हकीमों के जाल में आसानी से फंस जाते हैं क्योंकि वे कम खर्च या आसान पहुंच का झांसा देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बिना लाइसेंस वाले क्लीनिक न केवल लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं बल्कि कई बार ऐसे गंभीर मामलों में मरीजों की जान तक चली जाती है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से समय-समय पर अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, परंतु धरातल पर ऐसे झोलाछाप अपनी दुकानें बेखौफ चलाते रहते हैं। जब तक कड़े नियामक उपाय और जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक आम जनता यूं ही अपनी जान गंवाती रहेगी और इस तरह के दर्दनाक हादसे समाज को झकझोरते रहेंगे।
परिजनों का हंगामा और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। उन्होंने शव को मुख्य मार्ग या संबंधित स्थल पर रखकर न्याय मिलने तक पीछे हटने से इंकार कर दिया, जिससे वहां भारी भीड़ जमा हो गई और यातायात तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना के बाद से इलाके के अन्य अवैध चिकित्सा केंद्रों में हड़कंप मच गया है और लोग स्वास्थ्य विभाग से ऐसे नीम-हकीमों पर स्थाई प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।