मुड़िया सतासी में बुखार का प्रकोप
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के अंतर्गत आने वाले मुड़िया सतासी क्षेत्र में वायरल बुखार का गंभीर प्रकोप सामने आया है। इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार मरीजों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जब यहां पहुंचकर संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच प्रक्रिया के दौरान कुल सात मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट के आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया है और कई परिवार अपने बच्चों तथा बुजुर्गों को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। बुखार के इन मामलों के अचानक बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव भी काफी बढ़ गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते इस बीमारी के और अधिक फैलने से पूरी तरह से रोका जा सके। बुखार से पीड़ित अन्य लोगों के सैंपल भी लगातार जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
सात मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि
बदायूं के मुड़िया सतासी क्षेत्र में मिले डेंगू के सात पॉजिटिव मरीजों के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित पाए गए सभी मरीजों का उचित उपचार शुरू कर दिया गया है। कुछ मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जबकि कुछ का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में उनके घरों पर ही किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान होने के कारण इन सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। इसके बावजूद चिकित्सा टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर एक मरीज पर कड़ी नजर बनाए रखें। प्रभावित क्षेत्र में लगातार दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है ताकि मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास पानी बिल्कुल भी न जमा होने दें। फॉगिंग और साफ-सफाई के काम में तेजी लाने के लिए विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया है जो गांव के हर कोने की लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और पृष्ठभूमि
बदायूं जिले में डेंगू और वायरल बुखार का यह कोई पहला मामला नहीं है क्योंकि मानसून के बाद इस तरह की बीमारियां हर साल चुनौती बनती हैं। मौसम में बदलाव और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियां फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब तक जलभराव और साफ-सफाई की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता तब तक ऐसी स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटना कठिन होता है। इस ताजा घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि लोगों को जागरूक होने की बहुत आवश्यकता है ताकि वे बुखार के लक्षण दिखते ही तुरंत अपनी जांच करवाएं। ओझा या घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़ने के बजाय सही समय पर अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। प्रशासन आने वाले दिनों में और अधिक गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने की योजना बना रहा है ताकि समय रहते हर संदिग्ध मरीज की पहचान की जा सके।