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स्वास्थ्य

डेंगू से मौत: किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज की टीम ने वाराणसी के अस्पताल में की जांच

वाराणसी में नर्सिंग की एक छात्रा की डेंगू से हुई मौत के मामले की जांच अब तेज हो गई है। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ की एक विशेष जांच टीम ने संबंधित अस्पताल पहुंचकर गहन छानबीन की। इस दौरान अस्पताल संचालक से घंटों पूछताछ की गई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

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Ankit Yadav
01 अक्ट 2026, 18:04
डेंगू से मौत: किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज की टीम ने वाराणसी के अस्पताल में की जांच

वाराणसी के अस्पताल में लखनऊ की टीम की जांच

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में नर्सिंग की छात्रा दिव्यांशी यादव की डेंगू से हुई दुखद मौत के मामले में लखनऊ से एक उच्चस्तरीय जांच दल वाराणसी पहुंचा। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ से आई इस जांच टीम ने सीधे उस अस्पताल का दौरा किया जहां छात्रा का इलाज चल रहा था। इस दौरान जांच टीम के साथ जिला मलेरिया अधिकारी वाराणसी भी पूरी प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद रहे। जांच दल ने अस्पताल के अंदर पहुंचकर आईसीयू और ओपीडी समेत सभी विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल में तैनात सभी कर्मचारियों से भी इस मामले को लेकर आमने-सामने बातचीत की और इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले। अस्पताल संचालक डॉक्टर एस सी यादव से जांच अधिकारियों ने घंटों तक लगातार पूछताछ की और कई तीखे सवाल किए। हालांकि इतनी लंबी पूछताछ के बाद भी जांच टीम के अधिकारियों को अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद जांच टीम हाथी क्षेत्र में स्थित एक अन्य पैथोलॉजी पर भी पहुंची जहां छात्रा का ब्लड टेस्ट कराया गया था। पैथोलॉजी संचालक से भी पूछताछ की गई ताकि यह साफ हो सके कि जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आए थे।

अस्पताल में इलाज और बिगड़ती हालत का पूरा घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाराणसी के शिवपुर इलाके की रहने वाली नर्सिंग की छात्रा दिव्यांशी को बीते 11 सितंबर को तेज बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने उसे मेडिसिन विभाग की ओपीडी में दिखाया था जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया था। मृतक छात्रा के परिजनों के अनुसार 16 सितंबर को उसका डेंगू मलेरिया और टाइफाइड का पैथोलॉजी टेस्ट कराया गया था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि दिव्यांशी की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और तबीयत खराब होने पर भी कॉलेज द्वारा उसे अवकाश नहीं दिया गया। जब छात्रा की हालत लगातार बिगड़ने लगी तब उसके माता-पिता 17 सितंबर की शाम को अस्पताल पहुंचे और उसे अपने साथ बनारस ले आए। उसी दिन 17 सितंबर की रात को उसे कपरफोरवा स्थित ओम साईं होमियो हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल में 18 सितंबर को उसका इलाज किया गया लेकिन अगले दिन यानी 19 सितंबर को स्थिति अधिक गंभीर हो गई। हालत बहुत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल ने उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया था। लेकिन बीएचयू पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि डेंगू पीड़ित छात्रा दिव्यांशी की पहले ही मौत हो चुकी थी।

लखनऊ में छात्रों का प्रदर्शन और आगे की कार्रवाई

नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत की इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद लखनऊ में व्यापक असर देखने को मिला है। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ के विद्यार्थियों ने इस घटना के विरोध में अपनी कक्षाएं पूरी तरह से बंद कर दीं। छात्रों ने कॉलेज परिसर के भीतर ही कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया जिससे पूरे दिन कॉलेज परिसर में भारी हंगामा और गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कॉलेज के बच्चों की मुख्य मांग यही थी कि उनकी सहपाठी की मौत के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी व्यक्ति या संस्थान है उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग भी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि इलाज में बरती गई किसी भी प्रकार की लापरवाही की असलियत सामने आ सके। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों में मरीजों के इलाज और उनकी जांच के दौरान किन नियमों का पालन किया जा रहा है। इस पूरी जांच प्रक्रिया के निष्कर्ष के आधार पर आगे की वैधानिक और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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