कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

दो दशक की यात्रा: हनोई में उष्णकटिबंधीय रोग अस्पताल ने मनायी अपनी स्थापना की बीसवीं वर्षगांठ

हानी स्थित उष्णकटिबंधीय रोग अस्पताल ने एक अक्टूबर को अपने दो दशक पूरे होने का जश्न मनाया। इस दौरान संक्रामक रोगों पर एक राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन का भी आयोजन किया गया।

A
Ankit Yadav
02 अक्ट 2026, 14:58
दो दशक की यात्रा: हनोई में उष्णकटिबंधीय रोग अस्पताल ने मनायी अपनी स्थापना की बीसवीं वर्षगांठ

स्थापना दिवस समारोह और वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन

अक्टूबर महीने की पहली तारीख को हनोई के प्रमुख चिकित्सा संस्थान ने अपनी स्थापना के बीस वर्ष पूरे होने पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी अवसर पर संक्रामक रोगों और चिकित्सीय हस्तक्षेप पर आधारित एक राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की दो दशकों की विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। संस्थान ने अपनी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ चिकित्सा क्षेत्र में अपने योगदान को रेखांकित किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने इस सम्मेलन में भाग लिया और संक्रामक बीमारियों से निपटने के नए तौर-तरीकों पर अपने विचार साझा किए। संस्थान के निदेशक ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त किया और अस्पताल की इस लंबी यात्रा में सहयोग देने वाले हर व्यक्ति को धन्यवाद दिया।

संस्थान का वर्तमान स्वरूप और चिकित्सीय क्षमताएं

पिछले बीस वर्षों के कठिन परिश्रम और निरंतर विकास के बाद यह चिकित्सा संस्थान देश का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्तमान समय में इस अस्पताल के पास मरीजों के लिए कुल आठ सौ बिस्तरों की क्षमता उपलब्ध है। इसके अलावा यहाँ चौंतीस विशेषीकृत विभाग और उन्नत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जो विभिन्न गंभीर बीमारियों का इलाज करते हैं। इस संस्थान में काम करने वाले चिकित्सा कर्मियों और डॉक्टरों की संख्या के साथ-साथ उनकी कार्यकुशलता में भी लगातार सुधार हुआ है। यहाँ उच्च शिक्षित और अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी और विभिन्न सम्मानित उपाधियों से विभूषित चिकित्सक शामिल हैं। अस्पताल के इन प्रशिक्षित और कुशल विशेषज्ञों की टीम ने देश भर के गंभीर मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य सेवाओं के इस सुदृढ़ बुनियादी ढांचे की बदौलत आज यह संस्थान चिकित्सा जगत में एक मिसाल बन चुका है।

बुनियादी ढांचे का विस्तार और भविष्य की वित्तीय जरूरतें

समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र की आगामी जरूरतों और प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले पाँच वर्षों की अवधि में चिकित्सा क्षेत्र के विकास के लिए लगभग पचास हजार करोड़ रुपये की भारी धनराशि की आवश्यकता होगी। इसमें से केंद्र सरकार के कोष से लगभग नौ से दस हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है जबकि शेष बची हुई भारी रकम को अन्य विभिन्न स्रोतों से जुटाया जाएगा। इसी दिन अस्पताल के दूसरे चरण के निर्माण कार्य के तहत सत्ताईस हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले एक हिस्से का भी लोकार्पण किया गया। मंत्रालय का मानना है कि इस नए निर्माण से संक्रामक रोगों के मामलों को संभालने और उनका उपचार करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और जरूरी सामग्रियों की कभी कोई कमी नहीं होनी चाहिए ताकि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज