बर्मामाइंस में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर
महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर को चिह्नित करने के लिए पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने एक विशेष पहल की। उनके निर्देशों का पालन करते हुए बर्मामाइंस क्षेत्र में स्थित हिन्द कुष्ठ अस्पताल में एक दिन का स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में कुल 45 व्यक्तियों के स्वास्थ्य का मूल्यांकन किया गया, जिसमें अस्पताल के 38 कुष्ठ रोगी शामिल थे। जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने शिविर की निगरानी की और 18 महिलाओं तथा 27 पुरुषों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण पूरा होने के बाद सभी लाभार्थियों को उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए ताकि वे भविष्य में किसी भी गंभीर समस्या से बच सकें। इस प्रकार के आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग तक चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाना था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
मरीजों को सुरक्षा और आत्म-देखभाल के टिप्स
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान डॉ. राजीव लोचन महतो ने कुष्ठ रोग के प्रभावों से मुक्त हो चुके व्यक्तियों के साथ विस्तृत संवाद किया। उन्होंने सभी को सम्मानित करने के लिए शॉल और फलों की टोकरी भेंट की, जो उनके प्रति सम्मान का प्रतीक था। चिकित्सा विशेषज्ञ ने स्पष्ट रूप से समझाया कि कुष्ठ रोग के बाद भी नियमित सेल्फ केयर कितनी आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि मरीजों को सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए और पूरे हाथ के कपड़े पहनने को प्राथमिकता देनी चाहिए। बारिश के मौसम में भीगने से बचने और गर्म पानी से नहाने से परहेज करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, गर्म वस्तुओं को सीधे हाथों से न छूने की विशेष चेतावनी दी गई ताकि त्वचा की सुरक्षा बनी रहे। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श लेने का आग्रह किया गया ताकि रोग का नियंत्रण प्रभावी ढंग से हो सके।
महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप पहल
कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित जनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गांधी जी के कुष्ठ रोग के प्रति दृष्टिकोण और उनके विचारों को याद किया गया। जिला कुष्ठ कल्याण समिति के महामंत्री मो. जैनुद्दिन ने पूर्व में सिविल सर्जन से जिले के कुष्ठ आश्रमों में स्वास्थ्य शिविर शुरू करने का अनुरोध किया था, जिस पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की। निमाई मंडल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर महात्मा गांधी के कुष्ठ मुक्त भारत के सपने को साकार करने में मददगार साबित होंगे। सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में जिले के अन्य कुष्ठ आश्रमों में भी स्वास्थ्य सेवाएं फिर से बहाल की जाएंगी। कार्यक्रम का समापन दुर्योधन बागती, चंदन पाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ, जिन्होंने इस सेवा कार्य को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया।