अस्पताल के बाहर कचरे का अंबार
तुलसीपुर वार्ड के अंतर्गत स्थित मेट्रो अस्पताल के बिल्कुल सामने वाली मुख्य सड़क पर इस समय कचरे का बहुत बड़ा ढेर लगा हुआ है। इस अत्यंत गंदी स्थिति के कारण वहां से आने-जाने वाले सभी मरीजों तथा आम राहगीरों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल एक ऐसी जगह है जहां लोग अपना इलाज कराने और स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए आते हैं, लेकिन उसके ठीक सामने इस तरह कचरा जमा होना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। सड़क के बीचों-बीच या किनारे पर फैला हुआ यह कचरा सीधे तौर पर गंभीर बीमारियों को खुला न्योता दे रहा है। वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति को इस अस्वच्छता के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कचरे के इस विशाल ढेर के कारण पूरे इलाके की सुंदरता और स्वच्छता भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
बदबू और मच्छरों से बढ़ी परेशानी
मेट्रो अस्पताल के सामने फैले इस कचरे के ढेर से लगातार बहुत तीव्र और असहनीय बदबू आ रही है, जिसने आसपास के वातावरण को पूरी तरह से दूषित कर दिया है। इस भयानक बदबू के कारण वहां मौजूद लोगों के लिए खुली हवा में सांस लेना तक अत्यंत मुश्किल और दूभर हो गया है। कचरे के इस बड़े ढेर पर मक्खियों और मच्छरों का भारी जमावड़ा लगा रहता है, जो दिन-रात वहां मंडराते रहते हैं। मक्खी और मच्छरों की यह भारी तादाद मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को और अधिक तेजी से बढ़ा रही है। अस्पताल आने वाले कमजोर और बीमार लोग इस संक्रमण की चपेट में सबसे पहले आ सकते हैं। मरीजों और आम राहगीरों के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है कि वे अपने मुंह और नाक पर कपड़ा ढककर वहां से निकलने को मजबूर हों। लोग बहुत अधिक सावधानी बरतने के बाद भी इस बदबू और गंदगी के प्रकोप से खुद को पूरी तरह बचा नहीं पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की त्वरित समाधान मांग
इस विकट और अस्वच्छ स्थिति से त्रस्त होकर स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या के बहुत जल्द समाधान की जोरदार मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल के सामने इस तरह कचरे का ढेर लगे रहना किसी भी सभ्य समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यदि इस गंदगी को समय रहते पूरी तरह से साफ नहीं किया गया, तो क्षेत्र में कोई बड़ी स्वास्थ्य आपदा या भयंकर बीमारी फैल सकती है। मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को तत्काल प्रभाव से कचरा मुक्त किया जाना बेहद आवश्यक हो गया है। स्थानीय जनता प्रशासनिक अधिकारियों से यह अपेक्षा कर रही है कि वे इस मामले में संज्ञान लें और तुरंत सफाई अभियान चलाएं। वार्ड के निवासियों की यह स्पष्ट मांग है कि इस प्रकार की लापरवाही पर रोक लगनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी मरीज या राहगीर को इस प्रकार की कष्टदायक स्थिति का सामना दोबारा न करना पड़े।