अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भारी भीड़
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में मौसम के बदलते ही स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। स्थानीय चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों मरीजों का तांता लगा हुआ है। लोग सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस ताजा स्थिति के पीछे मौसम का लगातार बदलना मुख्य कारण माना जा रहा है। कभी तेज धूप तो कभी नमी भरा वातावरण लोगों के शरीर को तुरंत प्रभावित कर रहा है। ओपीडी कमरों के बाहर रोगियों और उनके तीमारदारों की लंबी लाइनें साफ देखी जा सकती हैं। बाल रोग और सामान्य चिकित्सा विभाग के कक्षों में सबसे अधिक संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सुबह और शाम की ठंडी हवा के साथ दिन की गर्मी कई तरह की शारीरिक समस्याओं को जन्म दे रही है। शहर के अलग-अलग कोनों से आने वाले नागरिक स्वास्थ्य लाभ के लिए इन केंद्रों का रुख कर रहे हैं। काउंटर पर पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर से परामर्श मिलने तक हर जगह भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। इस प्रकार की अचानक आई भीड़ ने स्वास्थ्य कर्मियों के सामने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
खांसी जुकाम और बुखार के मामले बढ़े
चिकित्सालयों में आने वाले अधिकांश रोगियों में एक जैसे ही लक्षण प्रमुख रूप से पाए जा रहे हैं। लोगों में लगातार खांसी, गंभीर जुकाम, तेज बुखार और पूरे शरीर में दर्द की शिकायत आम हो गई है। मरीज इन तकलीफों से राहत पाने के लिए डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे संक्रमण जल्दी फैलता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इन समस्याओं का सामना बहुत तेजी से करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में होने वाले बदलाव की वजह से वायरल संक्रमण का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ओपीडी में आने वाले हर दस में से सात मरीज इन्हीं लक्षणों से पीड़ित होकर उपचार मांग रहे हैं। कई रोगियों को बदन दर्द और कमजोरी की इतनी अधिक शिकायत है कि उन्हें उठने-बैठने में भी कठिनाई हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य केंद्र अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। डॉक्टरों द्वारा मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाइयां और उचित परहेज की सलाह दी जा रही है। पर्चियों की काउंटर से लेकर दवा वितरण खिड़की तक हर जगह मरीजों की भारी भीड़ लगातार बनी हुई है।
बदलते मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय
मौसम में होने वाले ऐसे बदलाव हर साल लोगों की सेहत पर बुरा असर डालते हैं और सावधानी ही इनसे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। जब भी मौसम करवट बदलता है, वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं और संक्रमण आसानी से फैलता है। ऐसे समय में खानपान का विशेष ध्यान रखना और स्वच्छ पानी का सेवन करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। विशेषज्ञ हमेशा यह सलाह देते हैं कि तापमान के उतार-चढ़ाव के दौरान ठंडी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। हल्के गर्म पानी का उपयोग और समय पर संतुलित भोजन करना शरीर को इन संक्रमणों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता होती है क्योंकि उनकी शारीरिक क्षमता कमजोर होती है। यदि किसी को भी बुखार या जुकाम के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से बीमारी गंभीर रूप नहीं ले पाती है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे मौसम के इस दौर में अपनी सेहत को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें।