जिला अस्पताल में उमड़ी भारी मरीजों की भीड़
अक्टूबर महीने का पहला सप्ताह बीत चुका है और इस दौरान मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव और कभी बारिश तो कभी गर्मी के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। संतकबीरनगर के जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार को सुबह से ही मरीजों का तांता लगा रहा। पर्ची काउंटर से लेकर दवा काउंटर तक हर तरफ लंबी लाइनें दिखाई दीं। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक केवल नए मरीजों की संख्या साढ़े सात सौ दर्ज की गई। इसके अलावा लगभग आठ सौ पुराने मरीज भी दोबारा अपनी बीमारी दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे। मरीजों की इतनी अधिक संख्या होने के कारण वहां तैनात चिकित्सकों को उनका इलाज करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फिजीशियन के कमरों के बाहर भी मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। ओपीडी कक्ष में डॉ. कुमार सिद्धार्थ, डॉ. सुनील कुमार और डॉ. एके पाठक लगातार आने वाले मरीजों का उपचार करने में जुटे रहे।
बदलते मौसम के कारण फैल रही हैं बीमारियां
पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है जिसमें कभी बदली तो कभी बारिश और तापमान का घटना-बढ़ना शामिल है। फराज अहमद ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मौसम के इस प्रकार के उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को तरह-तरह की वायरस जनित बीमारियां परेशान कर रही हैं। जिला अस्पताल में इस समय मुख्य रूप से जुकाम, बुखार और श्वांस की तकलीफ से पीड़ित मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे इस बदलते मौसम में बहुत जल्दी जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे मरीजों को मजबूरन अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है। इस तरह के मौसम में वायरस और बैक्टीरिया बहुत तेजी के साथ फैलते हैं जो आम जनजीवन को प्रभावित करते हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर लोगों की तबीयत इतनी खराब हो जाती है कि उन्हें तुरंत अस्पताल का रुख करना पड़ता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाशंकर सिंह ने स्थिति पर बात करते हुए बताया कि मौसम में पूर्ण परिवर्तन आ चुका है और इससे जुड़ी सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल में पूरी तरह से उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और बचाव के उपाय
मौसम में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव और हवाओं की दिशा बदलने से स्थिति पल-पल बदल रही है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को हमेशा ताजा और सुपाच्य भोजन का ही सेवन करना चाहिए। इसके अलावा पीने के पानी को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। उथले नल का पानी पीने के बजाय लोगों को हमेशा इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी ही पीना चाहिए ताकि पानी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। जरा सी भी लापरवाही बरतने पर लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और उन्हें अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने भी बदलते मौसम के प्रकोप को देखते हुए अपनी पूरी तैयारी कर रखी है। चिकित्सक लगातार मरीजों की जांच कर रहे हैं और उन्हें उचित परामर्श के साथ दवाइयां दे रहे हैं ताकि इस मौसमी बदलाव के दौर में लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।