बेगूसराय में विश्व गर्भनिरोधक दिवस का आयोजन बिहार के बेगूसराय जिले में विश्व गर्भनिरोधक दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन जिले के सिविल सर्जन द्वारा किया गया जिन्होंने हरी झंडी दिखाकर और संबंधित सामग्रियों का वितरण कर इसकी शुरुआत की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में परिवार नियोजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए परिवार का आकार सीमित रखना और दो बच्चों के बीच उचित अंतराल रखना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के बीच गर्भनिरोधक साधनों का सुरक्षित वितरण किया गया ताकि आम जनता तक इसकी पहुंच को और अधिक सुगम बनाया जा सके।
परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए लगातार विभिन्न प्रकार के अभियान चलाए जाते हैं जिनका मुख्य उद्देश्य देश के हर कोने तक परिवार कल्याण की आधुनिक सुविधाओं को पहुंचाना है। बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में इस प्रकार के विशेष दिवसों पर स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जागरूकता रैलियों, संगोष्ठियों और परामर्श शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों के पीछे यह मंशा होती है कि आम नागरिकों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को अनचाहे गर्भ से बचाव और प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति पूरी जानकारी मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का हमेशा से यह मानना रहा है कि जब तक जमीनी स्तर पर गर्भनिरोधक साधन आसानी से उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में अपेक्षित कमी लाना मुश्किल होगा। बेगूसराय जिले में हुआ यह ताजा आयोजन इसी व्यापक राष्ट्रीय और प्रांतीय रणनीति का एक अहम हिस्सा है जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं और एएनएम को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर लोगों को इसके फायदों के बारे में समझाएं और भ्रांतियों को दूर करें।
अभियान का दीर्घकालिक प्रभाव और आगामी कदम बेगूसराय में आयोजित इस जागरूकता और वितरण अभियान के जरिए आने वाले दिनों में जिले के भीतर परिवार नियोजन के प्रति सकारात्मक बदलाव आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि इस प्रकार के आयोजनों को केवल जिला मुख्यालय तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रखंड स्तर और पंचायत स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक इसका विस्तार किया जाए। आने वाले हफ्तों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे जहां लक्षित समूहों को न केवल गर्भनिरोधक साधन मुफ्त में बांटे जाएंगे बल्कि उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर किया जा सके। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों का यह भी प्रयास है कि युवा दंपतियों को शुरुआत से ही सही सलाह मिले ताकि वे अपने परिवार के भविष्य की योजना बेहतर ढंग से बना सकें। इस प्रकार के निरंतर प्रयासों से राज्य में प्रजनन स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होने की प्रबल संभावना है जिससे कुल प्रजनन दर को नियंत्रित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।