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स्वास्थ्य

फर्जी अस्पतालों का खेल: बिना पंजीकरण और अनुमति के संचालित हो रहे हैं कई केंद्र, स्वास्थ्य विभाग को कोई खबर नहीं

शहर में बिना किसी वैध अनुमति या पंजीकरण के कई फर्जी चिकित्सा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। ये संस्थान प्रसव, शल्य चिकित्सा और गंभीर बीमारियों के शर्तिया इलाज का दावा कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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Ankit Yadav
18 अक्ट 2026, 13:23
फर्जी अस्पतालों का खेल: बिना पंजीकरण और अनुमति के संचालित हो रहे हैं कई केंद्र, स्वास्थ्य विभाग को कोई खबर नहीं

अवैध स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन और बड़े दावे

विभिन्न स्थानों पर कई ऐसे चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं जिनके पास कोई आधिकारिक मंजूरी या पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद ये प्रतिष्ठान मरीजों को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई और गहन चिकित्सा कक्ष जैसी उच्च स्तरीय सुविधाएं देने का भरोसा दिला रहे हैं। कुछ संस्थान तो हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर और गुर्दे की बीमारियों के पुख्ता उपचार का भी विज्ञापन कर रहे हैं। इन जगहों पर प्रसव और बड़ी सर्जरी तक कराई जा रही है। ऐसी गतिविधियों के कारण आम लोगों के जीवन पर लगातार बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, इन सभी गतिविधियों के बारे में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के पास कोई भनक तक नहीं है। जब इस गंभीर मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से पूरी तरह इनकार कर दिया। उनका यह रुख शहर में प्रशासनिक नियंत्रण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों द्वारा इस तरह अनभिज्ञता जाहिर करना यह दिखाता है कि इन संस्थानों पर निगरानी रखने की कोई ठोस व्यवस्था फिलहाल काम नहीं कर रही है।

विभिन्न अस्पतालों की स्थिति और वहां मिलने वाली सुविधाएं

हवा बंगला रोड पर स्थित श्री रामा हॉस्पिटल में भी कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गई हैं। इस संबंध में पंकज परिहार का कहना है कि यह चिकित्सा केंद्र उनका नहीं है। वहीं एयरपोर्ट रोड पर संचालित सिटीजन हॉस्पिटल में प्रसव कराए जाते हैं और जरूरत पड़ने पर शिशुरोग विशेषज्ञ भी ऑन-कॉल आते हैं। इस जगह पर नवजात और सामान्य गहन चिकित्सा कक्ष की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इस विशेष अस्पताल के पंजीकरण को लेकर मामला अदालत तक जा चुका है और इसके पास अग्नि सुरक्षा से जुड़ी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी विवाद था। नगीन नगर स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में सामान्य और शल्य क्रिया द्वारा प्रसव कराए जाने के दावे किए जाते हैं। इस केंद्र पर तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ ऑन-कॉल सेवाएं देने आते हैं जबकि खून और अन्य जांचें बाहर कराई जाती हैं। इस संस्थान के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका पंजीकरण कुछ समय के लिए समाप्त हो गया था जिसे हाल ही में नवीनीकृत करा लिया गया है। हवा बंगला क्षेत्र में ही स्थित अविरल अस्पताल बिना किसी वैध पंजीकरण के चलाया जा रहा है। यहां पथरी, प्रोस्टेट, गुर्दे और हर्निया के ऑपरेशन करने के दावे किए जाते हैं। इस जगह से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि उनका घर इस चिकित्सा केंद्र के ऊपर स्थित है और वे लोग अस्पताल का संचालन नहीं करते हैं बल्कि केवल बाह्य रोगी विभाग देखते हैं।

जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर खड़े होते बड़े सवाल

इस पूरे परिदृश्य में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इन तमाम इलाकों में हो रहे चिकित्सा कार्यों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है। बिना अनुमति के प्रसव और जटिल ऑपरेशन करने वाले इन केंद्रों के कारण आम नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव हसानी से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि शहर में कोई भी अवैध चिकित्सालय संचालित नहीं हो रहा है और इस बारे में उनके पास अभी कोई आंकड़े या जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही वे कुछ कह सकेंगे। अधिकारियों का यह भी कहना है कि बिना उचित अनुमति के इस तरह के संस्थान चलाना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस तरह के अवैध संचालन की कोई पुख्ता जानकारी उनके पास पहुंचाई जाती है तो वे तुरंत उचित कार्रवाई करेंगे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बिना पंजीयन के चल रहे इन केंद्रों पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की बेहद आवश्यकता है।

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