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स्वास्थ्य

रोगी सुरक्षा: विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर यूसीएमएस में कार्यशाला का आयोजन

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के अवसर पर दिल्ली के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान मरीजों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

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Ankit Yadav
18 सित 2026, 10:57
रोगी सुरक्षा: विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर यूसीएमएस में कार्यशाला का आयोजन
स्वास्थ्य क्षेत्र में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है और इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्थान यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के मौके पर एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल प्रबंधन से लेकर जमीनी स्तर पर मरीजों के इलाज के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय भूलों को कम करना और रोगी की सुरक्षा को सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

चिकित्सा शिक्षा और जागरूकता का महत्व

कार्यशाला के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें विशेषज्ञों ने सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों और नैदानिक त्रुटियों को रोकने के उपायों के बारे में बताया। मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों को यह सिखाया गया कि कैसे अस्पताल के भीतर एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है जहाँ मरीज को किसी भी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही या जोखिम का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, इस बात पर भी मंथन किया गया कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले राज्यों के बड़े चिकित्सा संस्थानों में आने वाले लाखों मरीजों को कैसे बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता ही वह माध्यम है जिससे स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है और मरीजों के मन से इलाज के दौरान होने वाले डर को दूर किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोगी सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन करने की शपथ ली और चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली में सुधार होता है, बल्कि आम जनता का भी चिकित्सा व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है। आने वाले दिनों में इस तरह के जागरूकता अभियानों को उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों के विभिन्न अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में भी विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है ताकि देश के हर कोने तक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का संदेश प्रभावी रूप से पहुँच सके।
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