कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे      ‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

सार्वजनिक स्वास्थ्य संकल्प: भारत हेपेटाइटिस बी और सी के उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

देश में संक्रामक बीमारियों के खिलाफ लड़ाई को एक नई दिशा देते हुए भारत सरकार ने गंभीर यकृत संक्रमणों को जड़ से खत्म करने का दृढ़ संकल्प लिया है। इस दिशा में स्वास्थ्य प्रशासन की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आम नागरिकों को इस घातक बीमारी के खतरे से पूरी तरह बचाया जा सके।

A
Ankit Yadav
24 सित 2026, 11:23
सार्वजनिक स्वास्थ्य संकल्प: भारत हेपेटाइटिस बी और सी के उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

हेपेटाइटिस उन्मूलन की दिशा में मजबूत कदम देश के स्वास्थ्य सेवा तंत्र ने हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी जैसी गंभीर और घातक बीमारियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़े खतरे के रूप में पूरी तरह समाप्त करने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया है। सरकारी स्तर पर इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि इन संक्रमणों के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी स्तर पर ठोस और सुनियोजित उपाय लागू किए जाएं। इस रणनीति के तहत शुरुआती स्तर पर ही बीमारी की पहचान करने यानी स्क्रीनिंग की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ उपचार की पहुंच को देश के दूरदराज के कोनों तक सुलभ बनाने का काम किया जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर निदान और उचित चिकित्सीय मार्गदर्शन मिलने से इस बीमारी के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है और मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

बीमारी का बढ़ता बोझ और रोकथाम की जरूरत यकृत को प्रभावित करने वाले ये विषाणु दुनियाभर में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का कारण रहे हैं और भारत में भी इनके प्रसार को नियंत्रित करना एक बड़ी प्राथमिकता बन चुका है। असुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों, दूषित रक्त के आदान-प्रदान और स्वच्छता तथा जागरूकता की कमी के कारण इन संक्रमणों के फैलने का जोखिम हमेशा बना रहता है। इस तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियानों का संचालन किया जाना बेहद आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य संस्थानों और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से लोगों को यह समझाया जाता है कि टीकाकरण और सुरक्षित जीवनशैली अपनाकर किस प्रकार इन विषाणुओं के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। सरकार और स्वास्थ्य संगठनों का मुख्य उद्देश्य यही है कि देश के प्रत्येक नागरिक को इन बीमारियों के जोखिमों के प्रति जागरूक किया जाए ताकि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके।

भवी योजनाएं और स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार आने वाले समय में इन संक्रमणों के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष उपचार इकाइयां स्थापित की जा रही हैं ताकि मरीजों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग कर मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकें। इस दिशा में उठाए जा रहे इन कदमों से न केवल आम जनता के स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा बल्कि दीर्घकालिक रूप से देश के चिकित्सा बजट पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज