सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल की मौत
मोतिहारी जिले के रामगढ़वा क्षेत्र से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है जहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए एक व्यक्ति की जान चली गई है। मृतक की पहचान साठ साल के धर्मदेव राम के रूप में हुई है जो सतपिपरा भुमिहारी टोला के निवासी थे। यह पूरी घटना एक सप्ताह पहले घटित हुई थी जब वह किसी सड़क दुर्घटना की चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गए थे। परिजनों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया था। शुरुआत में उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत मोतिहारी रेफर कर दिया था ताकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में रखा जा सके। लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था और लगातार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी। इसके बाद बेहतर चिकित्सा प्रबंध के लिए उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया जहां डॉक्टरों की एक टीम उनकी जान बचाने की तमाम कोशिशों में जुटी हुई थी। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आ सका और आखिरकार शुक्रवार की देर रात इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों में इस अचानक हुए निधन से गहरा शोक व्याप्त है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। इस तरह के सड़क हादसे लगातार लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं जहाँ जरा सी लापरवाही या दुर्घटना किसी की जिंदगी छीन लेती है।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के संबंध में मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार धर्मदेव राम को सड़क हादसे के फौरन बाद ही चिकित्सालय ले जाया गया था। परिवार के लोगों ने उनकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया और उन्हें एक बड़े अस्पताल से दूसरे बड़े अस्पताल तक पहुंचाया। मोतिहारी के प्रारंभिक उपचार के बाद जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें राजधानी पटना के एक अत्याधुनिक निजी चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया। पटना के उस निजी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के देखरेख में उनका इलाज लगातार चल रहा था और उनके स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही थी। परिजनों ने डॉक्टरों से मिलकर उन्हें बचाने की हरसंभव गुहार लगाई थी और चिकित्सा कर्मियों ने भी अपने स्तर पर पूरा प्रयास किया था। लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गंभीर चोटों के कारण उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी और अंततः शुक्रवार की देर शाम या रात के समय उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस दुखद घटना की सूचना फौरन उनके परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी गई जिसके बाद अस्पताल परिसर में शोककुल लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस प्रकार एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार धर्मदेव राम यह जंग हार गए और अस्पताल के बिस्तर पर ही उनका निधन हो गया। चिकित्सकों ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए पूरी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की और शव को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखवाया। इस कठिन समय में उनके परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में ही मौजूद रहे और इस असहनीय दुख से पूरी तरह टूट चुके हैं।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम
जैसे ही पटना के निजी अस्पताल से धर्मदेव राम की मौत की मनहूस खबर रामगढ़वा क्षेत्र में उनके घर और पुलिस प्रशासन तक पहुँची, तुरंत प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। स्थानीय पुलिस को जब यह सूचना मिली कि इलाज के दौरान घायल वृद्ध की मौत हो चुकी है तो पुलिस बल तुरंत मौके पर रवाना हो गया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया। इसके बाद मौत के असली कारणों और अन्य विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए शव को पोस्टमार्टम के वास्ते वापस मोतिहारी भेज दिया गया। मोतिहारी में पोस्टमार्टम की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के संबंध में पहले से ही आवश्यक छानबीन की जा रही है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो सकेगा। एक सप्ताह पहले सतपिपरा भुमिहारी टोला के रहने वाले साठ वर्षीय धर्मदेव राम के साथ हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से बेहद दुखी हैं कि इतनी लंबी चिकित्सीय लड़ाई लड़ने के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ तेजी से पूरी करवाई ताकि पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े और वे समय पर अपने स्वजन का अंतिम संस्कार कर सकें।