कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

सीतापुर में प्रशासनिक विफलता: बेहटा में आशा कार्यकर्ताओं की बैठक अव्यवस्था की भेंट चढ़ी

सीतापुर जिले के बेहटा क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित एक बैठक अव्यवस्था का शिकार हो गई। कार्यक्रम स्थल पर बुनियादी सुविधाओं और प्रबंधन की कमी के कारण कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

A
Ankit Yadav
09 अक्ट 2026, 17:52
सीतापुर में प्रशासनिक विफलता: बेहटा में आशा कार्यकर्ताओं की बैठक अव्यवस्था की भेंट चढ़ी

बेहटा में बैठक के दौरान मची अफरा-तफरी

सीतापुर जिले के बेहटा इलाके में आयोजित आशा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक उस समय विफल साबित हुई जब वहां भारी अव्यवस्था देखने को मिली। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की तमाम आशा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेने के लिए उपस्थिति दर्ज कराई थी, लेकिन आयोजन स्थल पर मौजूद इंतजाम नाकाफी साबित हुए। बैठक के दौरान वहां की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई, जिससे वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम में आने वाली महिलाओं की संख्या के अनुरूप वहां बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं का कोई उचित प्रबंध नहीं था। अव्यवस्था के कारण बैठक का मुख्य उद्देश्य ही पीछे छूट गया और वहां मौजूद लोगों में काफी रोष देखने को मिला। आयोजन के दौरान प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीरें खुलकर सामने आईं, जिसके चलते कार्यकर्ताओं को परेशानी हुई और कार्यक्रम का संचालन भी सही तरीके से नहीं हो सका। यह स्थिति तब बनी जब विभाग के अधिकारियों को बैठक की पूरी तैयारी और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना था।

प्रशासनिक चूक और कुप्रबंधन का ब्यौरा

बेहटा में हुई इस बैठक में कुप्रबंधन की वजह से कार्यकर्ताओं को घंटों तक बेहाल रहना पड़ा। विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए जो स्थान चुना गया था, वह बड़ी संख्या में पहुंचने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिहाज से काफी छोटा पड़ा। वहां न तो पर्याप्त कुर्सियों की उपलब्धता थी और न ही शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध कराई गई थीं। कार्यक्रम शुरू होने के बाद से ही अव्यवस्था का दौर शुरू हो गया, जिसे संभालने वाला वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके कार्यक्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई बैठक ही खुद समस्याओं में घिरी रही। बैठक में आए प्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी साफ देखी गई, जिससे वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान विभागीय कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करना तो दूर, वहां की भीड़ को नियंत्रित करना भी बड़ी चुनौती बन गया था, जिससे सारा कार्यक्रम अव्यवस्थित होकर समाप्त हो गया।

स्वास्थ्य सेवाओं और आशा कर्मियों का महत्व

आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती है, जो जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करती हैं। यह बैठक आमतौर पर उनके कार्यों की समीक्षा, नई सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने की रणनीति बनाने के लिए की जाती है। जब ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों में अव्यवस्था होती है, तो इसका सीधा असर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। आशा कर्मियों का मनोबल और समय की बर्बादी स्वास्थ्य विभाग की कार्यसंस्कृति पर सवाल खड़े करती है। यदि विभाग ऐसी बैठकों का आयोजन करता है, तो उसके लिए उचित योजना बनाना और संसाधनों का सही वितरण करना आवश्यक होता है ताकि कार्यकर्ताओं को असुविधा न हो। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को बैठक स्थलों के चयन और सुविधाओं के प्रबंधन में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इन महिलाओं द्वारा किए जा रहे सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों के प्रति विभाग की यह उदासीनता भविष्य में अन्य बैठकों की सफलता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज