अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग
‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल
Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
स्वाइन फ्लू का प्रकोप: आईएमए ने जारी की एडवाइजरी, दिल्ली में 1770 से अधिक मामले आए सामने
देशभर में बदलते मौसम और मानसून के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसे देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है।
A
Ankit Yadav
26 अग 2026, 20:11
देश की राजधानी दिल्ली में इस वर्ष मानसून के सीजन के दौरान स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से अपने पैर पसार रहा है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में चिंता बढ़ गई है। मौसमी बदलाव और लगातार होती बारिश के कारण वायरल बीमारियों और श्वसन संबंधी संक्रमण के फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं, जिसका परिणाम यह हुआ है कि दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इस खतरनाक संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के कुल मामलों का आंकड़ा सत्रह सौ से अधिक पहुंच चुका है, जो स्वास्थ्य प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की चेतावनी और सुरक्षा निर्देश
इस गंभीर स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आईएमए ने देशवासियों और विशेष तौर पर दिल्ली के नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए समय रहते एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। आईएमए द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में लोगों से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय सावधानी बरतें और यदि किसी भी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं महसूस होती हैं, तो वह तुरंत डॉक्टर से परामर्श करे और अपनी मर्जी से किसी भी प्रकार की दवा लेने से बचे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण इस तरह के वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जो आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए चिकित्सा समुदाय ने आम जनता को सलाह दी है कि वे व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं और खांसते या छींकते समय मुंह व नाक को ढककर रखें ताकि संक्रमण के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
अस्पतालों में तैयारी और आगे की रणनीति
बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सभी प्रमुख अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अस्पतालों में विशेष फ्लू क्लीनिक और अलग से वार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि संक्रमित मरीजों की जांच और उपचार तुरंत शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं ताकि शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज कराया जा सके। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जैसे-जैसे मानसून का दौर आगे बढ़ेगा, लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी ताकि इस संक्रामक बीमारी को और अधिक फैलने से रोका जा सके और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।