सदर अस्पताल का गहन निरीक्षण और व्यवस्थाओं का जायजा
त्योहार के अवसर पर चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता परखने के लिए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी अस्पताल पहुंचे। सिविल सर्जन डॉ। जितेंद्र कुमार सिंह ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक सदर अस्पताल के विभिन्न परिसरों का मुआयना किया। इस दौरान आपातकालीन कक्ष, प्रसव वार्ड, पैथोलॉजी जांच घर और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई सहित कई विभागों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस विशेष दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी जरूरतमंद को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर सही उपचार मिले, इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर आपसी तालमेल बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों को अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी और गंभीरता के साथ निभाने की हिदायत दी गई।
स्वयं प्लास्टर किया और चिकित्सा कर्मियों को दिए कड़े निर्देश
अस्पताल के दौरे के दौरान सिविल सर्जन ने खुद आगे बढ़कर मरीजों की सहायता की और तीन ऐसे लोगों का प्लास्टर किया जो हड्डी टूटने की समस्या से पीड़ित थे। निरीक्षण के अगले चरण में उन्होंने जांच घर की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी रोगियों को उनकी रिपोर्ट तय समय पर मिल जाए। प्रसूताओं को एक वार्ड से दूसरे वार्ड के चक्कर काटने से बचाने के लिए लेबर रूम के भीतर ही सभी प्रकार की जांच की पुख्ता व्यवस्था करने का आदेश दिया गया। अब अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी खुद प्रसव कक्ष में जाकर गर्भवती महिलाओं के बेड के पास से रक्त के नमूने एकत्र करेंगे ताकि उन्हें अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। इसके अलावा ऑपरेशन के लिए तय किए गए मरीजों की जांच रिपोर्ट मात्र 20 मिनट के भीतर तैयार करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। यह सारी व्यवस्था सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे लगातार लागू रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों का समय पर सफल ऑपरेशन किया जा सके और इलाज में जरा भी देरी न हो।
त्योहार को लेकर हाई अलर्ट और कंट्रोल रूम में एंबुलेंस की तैनाती
दुर्गापूजा के मद्देनजर पूरे जिले के स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने का आदेश जारी कर दिया गया है। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ। लक्ष्मण पंडित को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे एक एंबुलेंस को मेडिकल टीम के साथ तुरंत कंट्रोल रूम में तैनात करें। इसके साथ ही सदर अस्पताल परिसर में भी एक समर्पित चिकित्सा दल हर समय मुस्तैद रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके। नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे इस पर्व को पूरे उल्लास के साथ मनाएं और किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य संकट की स्थिति में बिना देर किए अपने सबसे पास के स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। मरीजों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाने के पूरे जिले में सुरक्षित परिवहन और एंबुलेंस के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस पूरी निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान डॉ। सुनील चौधरी, आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक पवन कुमार और डॉ। अपूर्वा कुमार सहित अस्पताल प्रबंधक सुनील चौधरी और अन्य कई प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे।