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स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 500 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक मशीनें लगेंगी
हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक और उन्नत डायग्नॉस्टिक उपकरण स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च किया जाएगा।
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Ankit Yadav
31 अग 2026, 14:32
हिमाचल प्रदेश के आम नागरिकों को उनके अपने गृह राज्य में ही उच्च स्तर की चिकित्सा और जांच सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि प्रदेशभर के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक मशीनों को स्थापित किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर लगभग 500 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को महंगे निजी परीक्षण केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें सरकारी स्तर पर ही सटीक एवं समय पर जांच रिपोर्ट मिल सकेगी।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का संकल्प
सुक्खू सरकार का मुख्य फोकस पहाड़ी राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक आधुनिक चिकित्सा तकनीक को पहुंचाना है। वर्तमान समय में कई बार गंभीर बीमारियों के सटीक निदान के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या फिर महंगे प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिस पर काफी ज्यादा पैसा खर्च होता है। इस नई पहल के धरातल पर उतरने के बाद मेडिकल कॉलेजों में ही कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की उन्नत जांच मुमकिन हो पाएगी। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से डॉक्टरों को भी मरीजों का इलाज सही समय पर शुरू करने में काफी मदद मिलेगी।
चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग को इन अत्याधुनिक मशीनों की खरीद और उनकी स्थापना की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य विश्वस्तरीय डायग्नॉस्टिक उपकरण इंस्टॉल किए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं ताकि तय समयसीमा के भीतर इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा सके और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
पारदर्शी और उन्नत चिकित्सा प्रणाली
राज्य सरकार का यह कदम केवल मशीनों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत तकनीशियनों और मेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों के संचालन के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी ताकि मशीनों का रखरखाव बेहतर ढंग से हो सके और मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों के बराबर लाया जा सके।
इस बड़ी सौगात से न केवल मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ सीखने और अभ्यास करने का अवसर मिलेगा, बल्कि मरीजों को भी न्यूनतम शुल्क या मुफ्त में विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाएं मिल सकेंगी। आने वाले समय में स्वास्थ्य ढांचे के आधुनिकीकरण की यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के मेडिकल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा परिदृश्य ही बदल जाने की उम्मीद जताई जा रही है।