पुलिस थाना कंट्रोल रूम में हुई बैठक
शनिवार के दिन स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। यह आयोजन स्थानीय पुलिस थाने के कंट्रोल रूम के परिसर में संपन्न हुआ था। इस बैठक की अध्यक्षता विधायक राजकुमार मेव द्वारा पूरी गंभीरता के साथ की गई थी। इस कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग से जुड़े कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे थे। इनमें बीएमओ डॉ। अतुल गौर के साथ तहसीलदार कैलाश सस्त्या और थाना प्रभारी जगदीश गोयल भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अस्पतालों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से आकलन करना था। साथ ही शासन की तरफ से चलाई जा रही तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं की मैदानी स्थिति की भी समीक्षा की गई थी। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों ने अपने विचार रखे थे और विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली से जुड़ी कुछ कठिनाइयों को भी सबके सामने रखा था।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई की चेतावनी
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक राजकुमार मेव ने इलाज में कोताही बरतने वाले कर्मियों को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया था। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा था कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की देरी अब कतई सहन नहीं की जाएगी। यदि कर्तव्यों के निर्वहन में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी डॉक्टरों को अपने निर्धारित मुख्यालय पर ही निवास करना होगा। साथ ही अस्पतालों में उनकी नियमित उपस्थिति और आपातकालीन ड्यूटी के समय उनकी उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को केवल एक शासकीय जिम्मेदारी न मानते हुए उन्होंने इसे मानव जीवन और भरोसे से जुड़ा हुआ सबसे बड़ा दायित्व बताया था। हर आने वाले मरीज को समय पर सही उपचार मिलना चाहिए और उसके साथ पूरा सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए ताकि लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
उपकरणों की घोषणा और सुधार की पहल
बैठक के सकारात्मक माहौल के बीच स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। भाजपा कार्यकर्ता दिनेश यादव ने व्यक्तिगत सहयोग देते हुए शासकीय अस्पताल को सात बीपी इंस्ट्रूमेंट देने का ऐलान किया था। इसके अलावा राज यादव द्वारा अस्पताल परिसर के लिए कुल पांच व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। इन चिकित्सा उपकरणों के मिलने से अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच प्रक्रिया और उनके आवागमन में काफी आसानी होने की उम्मीद जताई गई है। बैठक में उठी समस्याओं को सुनने के बाद विधायक ने उनके त्वरित निराकरण के लिए खुद पहल करने का भरोसा दिया था। अंत में उन्होंने सभी चिकित्सकों से आपसी समन्वय बनाकर जवाबदेही और सेवाभाव के साथ कार्य करने का आह्वान किया था ताकि आम जनता को बिना किसी बाधा के सुलभ और उच्च गुणवत्तापूर्ण उपचार का पूरा लाभ मिल सके।